महेंद्रगढ़। बार एसोसिएशन के अधिवक्ता को फोन पर जान से मारने की धमकी देने के 6 दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर वकीलों ने थाने पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ता दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इससे दो दो न्यायालयों में करीब 300 केसों पर सुनवाई टल गई, जिन्हें अगली तारीख दे दी गई है।
गत रविवार को पुलिस ने आरोपी सतीश उर्फ फर्जी निवासी खातोद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इससे पूर्व भी सोमवार को बार एसोसिएशन द्वारा एक दिन का वर्क सस्पेंड कर नारेबाजी कर रोष जताया था। छह दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सुबह 11 बजे शहर थाने में पहुंचे रोष प्रकट कर धरने पर बैठ गए। वकीलों ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है। पुलिस को दो-तीन बार अधिवक्ताओं ने बताया कि आरोपी गांव में मौजूद है, लेकिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं तब तक वह धरना जारी रखेंगे। आरोप लगाया कि धमकी देने वाला हिस्ट्रीशीटर है व उसके खिलाफ वह एक मामले में पैरवी कर रहा है, जिस कारण उसके साथ रंजिश रखता है। आरोपी हत्या के प्रयास के आरोप में सितंबर में बेल पर आया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रदेश में वकीलों को धमकी देने का एक माह में यह चौथा मामला है।
रविवार को दी गई थी शिकायत, नहीं हुई गिरफ्तारी
अधिवक्ता अंकित यादव को धमकी देने के मामले में बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में काम नहीं किया। इससे पूर्व सोमवार को भी वर्क सस्पेंड रखा गया था। बार एसोसिएशन प्रधान राजीव कुमार ने बताया कि बार की ओर से शहर थाना प्रभारी से मुलाकात की थी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किए छह दिन का समय बीत गया लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई है। शुक्रवार को दो न्यायालयों में करीब 300 केसों पर सुनवाई नहीं हुई, उन केसों की अगली तारीख लगाई गई है।
शहर थाना प्रभारी बोले पुलिस की लगी हैं तीन टीमें
अधिवक्ताओं ने जांच अधिकारी उप निरीक्षक चांद को जांच से हटाकर अन्य जांच अधिकारी लगाने की मांग की। शहर थाना प्रभारी सेट्ठी मलिक ने अधिवक्ताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि पुलिस की तीन टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं। दो सीआईए व एक शहर थाना टीम हरियाणा व राजस्थान में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अधिवक्ता एसपी या डीएसपी से मुलाकात को लेकर अड़े रहे। अधिवक्ताओं ने कहा कि जांच अधिकारी की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। जांच अधिकारी ने कोई नोटिस दिया और न फोन किया। उन्हें अपने स्तर पर पता किया। फिर उसने कोर्ट में अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा।