नारनौल। ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे जरूरतमंद लोगों को आवास देने की अपनी घोषणा को सरकार ने धरातल पर उतारने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए अभी जिले के पांच खंडों में इस योजना को लागू करने की तैयारी सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है।
स योजना के तहत सरकार ऐसे पात्र लोगों को आवास देंगी जो बीपीएल, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या फिर घुमंतू जाति से हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार की योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला परिषद की तरफ से प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस के तहत शहरी-ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को 5 लाख आवास देने की योजना पर कार्य शुरू हो गया है।
योजना के तहत हाउसिंग ऑफ ऑल विभाग की तरफ से प्रदेश के जिलों से पांच ऐसे गांवों की सूची मंगाई गई है, जहां पर पंचायतों के पास तीन एकड़ से अधिक खाली जमीन है। इसके अलावा उस जमीन पर किसी प्रकार का कोई विवाद भी नहीं हो। जिला महेंद्रगढ़ प्रशासन के पास ऐसे 37 गांवों के नाम आए थे, जिनमें जमीन उपलब्ध है, फिलहाल प्रशासन ने शर्तों को पूरा करने वाले पांच गांवों का चयन कर मुख्यालय को भेज दिया हैं। अब इनको लेकर आगामी निर्णय विभाग की तरफ से लिया जाएगा। जिले में सीहमा खंड का गांव गुवानी, निजामपुर खंड का गांव नारहेड़ी, नांगल चौधरी खंड का गांव शहबाजपुर, महेंद्रगढ़ खंड का गांव बुचौली और नारनौल खंड का गांव मंढ़ाना शामिल है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में लोगों को आवास उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है।
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योजना का जरूरतमंद लोगों को लाभ दिया जाएगा। इसके तहत सरकार जो नियम बनाएगी उसी के अनुसार आवास दिए जाएंगे। फिलहाल जिले के पांच गांव के नाम सरकार को भेजे गए हैं। इन पांच गांवों में पंचायत के पास कम से कम तीन एकड़ भूमि बगैर किसी विवाद वाली मांगी गई थी।-मनोज कुमार, सीईओ जिला परिषद