फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच वर्ष बीतने के बाद भी नहीं शुरू हुआ महिला सैनिक स्कूल पर काम

विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। घोषणा के पांच वर्ष से ऊपर बीत जाने के बाद भी गांव खुडाना में प्रस्तावित महिला सैनिक स्कूल पर अभी कोई काम शुरू नहीं हुआ। हैरानी की बात है कि इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई पत्राचार तक भी नहीं किया गया। शुरूआत में यह मामला पूर्व मंत्री ने रक्षामंत्री के सामने रखा था उसके बाद क्षेत्र के किसी नेता ने यह मांग नहीं उठाई है।
विज्ञापन

बता दें कि 22 मार्च 2016 को बीजेपी सरकार ने अपना दूसरा आम बजट पेश किया था। उस बजट में तत्कालीन शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने गांव खुडाना में सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी। घोषणा किए जाने पर एक बार लगा था कि अहीरवाल की बेटियां भी अपने पिता एवं दादा की तरह सेना में अधिकारी बनकर अपना सपना साकार कर पाएंगी। पांच वर्ष बीत गए लेकिन अभी तक इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई पत्राचार तक भी शुरू नहीं हुआ। सबसे बड़ी बात की जन सरोकार के मुद्दों को लेकर एक दूसरे को घेरने वाले पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने भी यह मामला कभी नहीं उठाया। इसी कारण यह घोषणा भी मात्र घोषणा ही बनकर ही रह गई है। (संवाद)
कौन चलाता है सैनिक स्कूल
सैनिक सोसायटी की ओर से जारी एडेड स्कूल होता है जो सीबीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त होता है। इसका प्रबंधन आर्मी अधिकारी देखते हैं। प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक होता है जबकि अध्यापक और प्रवक्ता भी आर्मी एजूकेशन विभाग से लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के होते हैं, जो विद्यार्थियों को एनडीए की कोचिंग देते हैं। ऐसा माना जाता है कि सबसे अधिक लेफ्टिनेंट सैनिक स्कूलों के विद्यार्थी बनते हैं। यह स्कूल कक्षा छठी से12वीं तक होता है। 11 व 12वीं कक्षा में केवल नॉन मेडिकल संकाय होता है।
विज्ञापन

देश में हैं पांच महिला सैनिक स्कूल, हरियाणा में एक भी नहीं
वर्तमान में देश में पांच महिला सैनिक स्कूल चल रहे हैं। इनमें चंद्रपुर (महाराष्ट्र), बीजापुर (कर्नाटक), कोडागु (कर्नाटका), कलिकिरी (आंध्र प्रदेश) और घोड़ाखाल (उत्तराखंड) स्थित सैनिक स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में पहली बार 2020 में ही दाखिले लिए गए थे। इससे पहले केवल पुरुष सैनिक स्कूल ही होते थे। हरियाणा में एक भी महिला सैनिक स्कूल नहीं है।
रक्षामंत्री से मिला था आश्वासन
महिला सैनिक स्कूल की मंजूरी के लिए तत्कालीन शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने 1 जुलाई 2016 को तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से उनके सरकारी कार्यालय में मिले थे। मुलाकात के बाद रामबिलास शर्मा ने बताया था कि रक्षा मंत्री ने विश्वास दिलाया कि वो सैनिक स्कूल के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को कहेंगे कि वो सैनिक स्कूल के लिए गांव खुडाना में जगह का सर्वे करवाकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर रक्षा मंत्रालय के पास भेजें। उस मुलाकात को पांच वर्ष का समय पूरा हो चुका, परंतु अभी तक वह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया है।
विज्ञापन

यह केंद्र का प्रोजेक्ट है। अभी तक हमारे पास से कोई पत्राचार नहीं हुआ और न ही कोई सर्वे हुआ है।
-सुनील दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें