नारनौल। व्यापारी नमी व तेल की मात्रा के हिसाब से सरसों की खरीद की जा रही है। इससे किसानों खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और कुछ किसानों को तो एमएसपी से कम पर सरसों बेचनी पड़ रही है। फोन पर संपर्क कर सरसों का भाव पूछने पर व्यापारी ज्यादा भाव बताते हैं। वहीं बाद में एमएसपी से कम में सरसों खरीद रहे हैं।
किसानों ने बताया कि फोन पर व्यापारी भाव 6400 से 6600 रुपये बताया जा रहा है लेकिन जब सरसों लेकर मंडी पहुंचते हैं तो लैब जांच करवा कर लैब प्रतिशत के हिसाब से सरसों की कटौती की जाती है। जिस कारण सरसों का भाव एमएसपी से 120 से 150 रुपये कम मिलता है।
वहीं जिन किसानों की सरसों की लैब प्रतिशत 42 तक है उन्हें भी बाजार भाव से कम पर ही सरसों बेचनी पड़ रही है। किसानों ने बताया कि व्यापारी सरसों खरीदते समय फायदे के अनुसार भाव में कटौती कर बोली लगाते हैं और बोली के दौरान 1 से 5 रुपये तक की ही बढ़ोतरी करते हैं।
शनिवार को शाम तक नारनौल में 55 व अटेली में 95 गेटपास जारी किए गए और नारनौल में 1100 व अटेली में 2500 क्विंटल सरसों की आवक की गई।
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कैसे की जा रही है कटौती
मंडी में सरसों खरीदने से पहले व्यापारी लैब जांच करते हैं। 42 प्रतिशत से कम लैब रहने पर प्रति प्रतिशत के हिसाब से 120 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की जाती है। इस समय 42 प्रतिशत लैब का बाजार भाव 6600 रुपये बना हुआ है। ऐसे में यदि किसी किसान की लैब 38 प्रतिशत है तो उस किसान को सरसों का भाव केवल 6 हजार से 6100 रुपये तक ही मिल रहा है।
कैंटीन में 10 रुपये में मिल रहा भोजन
नई अनाज मंडी में किसानों की सुविधा के लिए कैंटीन शुरू की गई है। इसमें किसान को 10 रुपये में रोटी, चावल, दाल, सब्जी दी जाती है। हालांकि अभी सरसों की आवक बहुत कम बनी हुई है, जिस कारण एक दिन में 30 से 40 लोग ही भोजन कर रहे हैं।
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मैनें फोन पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त की तो सरसों का भाव 6600 रुपये बताया गया लेकिन जब मंडी में सरसों लेकर पहुंचा तो लैब 38 प्रतिशत पाई गई और व्यापारियों द्वारा 6100 रुपये में सरसों खरीदी गई।
-कुलदीप, किसान, गांव धानौता
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सरसों की मांग अनुसार भाव में कमी और बढ़ोतरी होती है। यदि किसान अच्छे से सरसों को सुखा कर लाते हैं तो नमी की मात्रा कम रहेगी और लैब प्रतिशत अधिक निकलेगा।
-इंद्रलाल, व्यापारी, नई अनाज मंडी
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वर्जन :
किसानों की सुविधा के लिए कैंटीन में दोपहर के भोजन की व्यवस्था है। जहां किसानों को केवल 10 रुपये में थाली दी जा रही है। मंडी में गेटपास का कार्य सुचारू बना हुआ है।
-नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल