फोटो संख्या:77- गांव श्यामपुरा में श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन सुनते श्रद्धालु--स्रोत- आयोजक
सतनाली। गांव श्यामपुरा के श्री हनुमान मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीला की कथा सुनाई गई। बाल कलाकारों ने हनुमान जी की झांकी निकाली।
ब्रह्मचारी हरिदास महाराज ने कहा कि बाल लीला, कंस वध, गोवर्धन धारण और रासलीला की कथाएं श्रीकृष्ण के प्रेम, शक्ति और करुणा को दर्शाती हैं। साथ ही भक्तों को जीवन जीने का सही मार्ग भी दिखाती है। भगवान कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उसको मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। पूतना वेश बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है। श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। उसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। भगवान कृष्ण द्वारा उनको भगवान इंद्र की पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज की पूजन करने की बात कहते हैं। इंद्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं। वह अपने क्रोध से भारी वर्षा करते हैं। इसको देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देख भगवान श्री कृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत को नीचे बुला लेते हैं। जिससे हार कर इंद्र एक सप्ताह के बाद वर्षा को बंद कर देते हैं। जिसके बाद ब्रज में भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन महाराज के जयकारे लगाने लगते हैं।