नोटबंदी का असर सर्राफा, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक्स और कास्मेटिक बाजारों पर पड़ा है। सावे होने के बावजूद भी बाजार में रुटीन का काम नहीं चल रहा। बाजार में केवल पहले से बुकिंग करवाने वाले ही सामान लेकर जा रहे हैं। नोटबंदी के बाद बाजार थम सा गया है। ग्राहक बाजार में तो आते हैं लेकिन पुराने नोटों के साथ जिनको कोई भी स्वीकार नहीं कर रहा। सर्राफा, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक्स एवं कास्मेटिक सभी बाजारों का यही हाल है। कैश के अभाव में महिलाओं ने भी कॉस्मेटिक, क्रीम पाउडर लगाना कम कर दिया है जबकि दुल्हन भी श्रृंगार का जरूरतमंद का सामान ही खरीद रही हैं। अभी बाजार ऐसे कब तक चलेंगे यह तो पता नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि नोटबंदी के बाद आमजन को भारी परेशान हो रही है।
सात दिन से नहीं आ रहा माल
कपड़ा व्यापारी प्रदीप मैहता ने बताया कि नोटबंदी के बाद कपड़ा बाजार बिल्कुल मंदा हो गया है। माल न तो बाहर से आ रहा है न ही बिक रहा है। व्यापारियों ने माल मंगवाना बंद कर दिया है। माल आने पर कंपनियों को सात दिन में पेमेंट करना पड़ता है जबकि कैश बाजार में आ नहीं रहा। सावे होने के बाद भी बाजार में 30 प्रतिशत ही काम बचा है जबकि इस समय काम जोरों पर चलना चाहिए था। अभी ग्राहकों से लेनदेन चैक से ही हो रहा है। उन्होंने बताया महेंद्रगढ़ में पंजाब, सूरत तथा मुंबई से कपड़ा आता है। अमृतसर और लुधियाना से कंबल, शॉल, लोई और रजाई मंगवाई जाती है जबकि साड़ी सूरत से तो पेंट शर्ट मुंबई से मंगवाए जाते हैं।
सर्राफा बाजार दो प्रतिशत पर अटका:
नोटबंदी के बाद अगर सबसे अधिक असर पड़ा है तो वो है सर्राफा बाजार। सर्राफा बाजार में रुटीन का मात्र दो प्रतिशत काम शेष रह गया। सर्राफा व्यापारी रोहताश सोनी ने बताया कि नोटबंदी के बाजार पूरा प्रभावित हुआ है रुटीन का काम खत्म हो गया है। अभी केवल एडवांस बुकिंग करवाने वाले ग्राहकों का माल बनाया जा रहा है। हकीकत यह है कि पीछे से सोना आ ही नहीं रहा। व्यापारी ग्राहकों के पुराने आभूषणों को तोड़कर गहने बना रहे हैं। सर्राफा व्यापारी रोहताश ने बताया कि प्रधानमंत्री ने देश हित के लिए मास्टर स्ट्रोक खेला है। उनके इस स्ट्रोक से देश को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
दुल्हन मार्केट में है 20 प्रतिशत काम
जब से नोटबंदी हुई है तब से महिलाओं एवं युवतियों ने श्रंगार करना कम कर दिया है। बाजार 20 प्रतिशत पर आकर रुक गया है। जरनल स्टोर के व्यापारी विनोद कुमार कपूर ने बताया कि विवाह शादियों में जाने वाली महिलाएं ही श्रृंगार की वस्तुएं खरीद रही हैं। वो भी पहले की तुलना में कम ही खरीद रही हैं जबकि रुटीन का काम तो रुक सा गया है। कपूर ने बताया कि अभी माल मंगवाना बंद किया हुआ है क्योंकि माल पहले वाला ही नहीं बिक पा रहा। नरेंद्र मोदी के इस निर्णय से हम खुश हैं इससे आने वाली पीढ़ी को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि एक महीना काम बंद रहा तो भी चलेगा कम से गुजारा कर लेंगे।
इलेक्ट्रानिक मार्केट पर हुआ असर
नोटबंदी के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट पर भी खासा असर पड़ा है। इस मार्केट का 90 प्रतिशत काम बिल्कुल खत्म हो गया है। व्यापारियों ने यहां तक कह दिया कि इस दौरान उनका शोरूम खोलने का दिल ही नहीं करता। क्योंकि इस समय केवल उधार की दुकानदारी बची है उधार वो दे नहीं सकते। इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी मदन मोहन कौशिक ने बताया कि कंपनियों ने माल देना बंद कर दिया है। ग्राहक सामान उधार मांग रहे हैं ऐसे में किस प्रकार उनका व्यापार चलेगा। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद केवल विवाह शादी वाले सामान लेकर जा रहे हैँ बाकी रुटीक काम तो खत्म ही हो गया है। कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कालेधन पर जो सर्जिकल स्ट्राइक की है वह काबिले तारीफ है। उनके इस निर्णय से जो धन पूंजीपतियों ने छिपाकर रखा था वो अब बाहर आ जाएगा जिससे देश की आर्थिक दशा सुधरेगी।