फोटो नंबर-20नहरी पानी नहीं आने के कारण सूखता जा रहा तालाब। संवाद
नारनौल। नहर में पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की दिक्कत बनी हुई है। शहर में करीब दस दिन पहले नहर में पानी छोड़ा गया था। इस पानी से शहर के वाटर टैंक भी पूरी तरह से नहीं भर पाए। शनिवार सुबह फिर से रुक गया।
शहर के रेवाड़ी रोड स्थित वाटर टैंकों में केवल 30 प्रतिशत ही पानी अभी तक पहुंच पाया है, जो दस दिनों तक चल सकता है। वहीं महेंद्रगढ़ रोड स्थित जलघर में 50 प्रतिशत पानी पहुंचा है। इस जलघर से शहर के 80 प्रतिशत हिस्से में पानी की आपूर्ति की जाती है। नहरी पानी पर्याप्त नहीं आने के कारण एनडी वन पंप हाउस से पानी बहुत ही कम मात्रा चला और एनडी टू पंप हाउस तो ना के बराबर ही चला है।
नहर में अब तक जो पानी आया उससे वाटर टैंकों की भी पूर्ति नहीं हो पाई। अब नहर ठीक से नहीं आने के कारण हालत यह हो गए है कि क्षेत्र के करीब 150 जोहड़ व नहरी पानी से भरे जाने वाले शहर के एक दो तालाब भी सूखते जा रहे हैं। पंप हाउस एनडी वन व एनडी टू के नहीं चलने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के जोहड़ों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
इन जोहड़ाें में आए दिन कम होते जा रहे पानी के चलते अब ग्रामीणों को भी चिंता होने लगी है। ग्रामीण क्षेत्र के अंदर बने जोहड़ों में मवेशियों को पानी पिलाने और नहलाने का कार्य किया जाता है। इसके अलावा अन्य जीव भी इन जोहड़ के माध्यम से अपनी प्यास बुझाते हैं। नारनौल में 28 अप्रैल से नहर आनी शुरू हुई थी, लेकिन नहरी पानी का फ्लो नहीं बनने के कारण पंप हाउस बहुत पानी पहुंचा। यदि नहर में पर्याप्त पानी नहीं आता है तो आती है शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या हो सकती है।
वर्जन-
शहर में 28 अप्रैल से नहर आई थी। इनसे वाटर टैंकों में पानी डाला जा रहा था। पानी का फ्लो नहीं होने के कारण एनडी वन पंप हाउस भी पूरी तरह नहीं चल पाया। शनिवार सुबह दस बजे फिर नहरी पानी रुक गया। इसी कारण सभी पंप हाउस भी ठीक से नहीं चल पाए। संभावना है कि जल्द ही नहरों में पूरी क्षमता से पानी आएगा। सभी जोहड़ व तालाबों में भी छोड़ा जाएगा।
राजेश वर्मा, एसडीओ नहर विभाग