नांगल चौधरी। नहरों में लंबे समय से पर्याप्त पानी नहीं आने से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किल्लत बनी हुई है।
वहीं नहरी पानी के अभाव में कई गांवों के जोहड़ सूख गए हैं। नांगल चौधरी का जोहड़ भी सूखने की कगार पर पहुंच गया है। इसमें इस समय काफी ज्यादा मछलियां हैं। अगर अब पानी नहीं पहुंचा तो मछलियां व जलीय जीव मर जाएंगे। नहर में अब तक जो पानी आया उससे वाटर टैंकों की भी पूर्ति नहीं हो पाई।
जोहड़ों में आए दिन कम होते जा रहे पानी के चलते अब ग्रामीणों को भी चिंता होने लगी है। ग्रामीण क्षेत्र के अंदर बने जोहड़ों में मवेशियों को पानी पिलाने और नहलाने का कार्य किया जाता है। इसके अलावा अन्य जीव भी इन जोहड़ के माध्यम से अपनी प्यास बुझाते हैं। गौरतलब है कि नांगल चौधरी क्षेत्र में भूजल के हालात भयावह हो गए थे। एक हजार फिट के बाद भी पानी नसीब नहीं हो रहा था।
यही कारण है कि इस क्षेत्र को डार्क जोन में शामिल किया गया था। इसके बाद प्रदेश सरकार द्वारा नहरों को दुरुस्त कर टेल तक पानी पहुंचाया गया, लेकिन नांगल चौधरी क्षेत्र में अनेक गांव ऐसे रह गए थे, जहां नहर से दूर होने के कारण नहरी पानी नहीं पहुंच पाया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने नांगल चौधरी क्षेत्र में नहर से दूरी वाले कई गांवों के जोहड़ों को नहरी पानी से भरने के लिए महत्वाकांक्षी योजना तैयार की थी।
इनमें लिफ्ट के जरिए पानी को 50 से 80 मीटर तक ऊपर उठाकर जोहड़ों में डाला जा रहा था। इसके बाद लगभग सभी गावों के जोहड़ पानी से लबालब हो गए थे, लेकिन अब पानी नहीं आने के कारण कई गांवों के जोहड़ सूख गए हैं।
इंसेट
मुकुंदपुरा के ग्रामीण भी पानी की समस्या लेकर पहुंचे
गर्मी में पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है। वहीं गांवों में नियमित पानी की सप्लाई भी नहीं हो रही है। इसी समस्या को लेकर मुकुंदपुरा गांव की महिला बिमला, किताब, सरोज, सुनिता, अनिता व सावित्री आदि नारनौल स्थित जनस्वास्थ्य के कार्यालय में पानी की समस्या लेकर पहुंचीं। इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सइएन ने दो दिन में पानी की समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया।