नारनौल। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट पर इस बार बीते वर्षों की तरह चुनाव एकतरफा नहीं होने वाला है। जजपा ने चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। ऐसे में वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं जातीय समीकरण भी चुनाव को प्रभावित करेंगे।
कांग्रेस और जजपा की तरफ से इस बार चुनाव में यादव, जबकि भाजपा की तरफ से जाट चेहरे पर दांव खेला गया है। कांग्रेस की बात करें तो जनता का विरोध बहुत कम है। हालांकि कांग्रेस में अपने ही बगावती तेवर अपना रहे हैं। अभी हाल ही में चुनाव कार्यालय के उद्घाटन में दो पक्षों में आपसी कहासुनी हो गई थी। इसके बाद एक पूर्व विधायक बीच में बैठक छोड़कर चले गए थे। वहीं किरण चौधरी का कितना साथ रहेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा, लेकिन कांग्रेस की नैया पार होने में सबसे ज्यादा आपसी गुटबाजी आड़े हाथ आ रही है। हालांकि राव दान सिंह भिवानी व महेंद्रगढ़ क्षेत्र के मतदाताओं को साधने की कोशिश करने में जुटे हैं।
उधर, भाजपा की तरफ से तीसरी बार मैदान में उतरे चौधरी धर्मबीर सिंह को इस बार ग्रामीण क्षेत्र में विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है। इस वजह से चुनाव रोमांचक बनता जा रहा है। जहां पहले दो बार भाजपा प्रत्याशी अच्छे बहुमत से जीत दर्ज करने में कामयाब रहे थे। वहीं, इस बार ग्रामीण क्षेत्र के वोटरों में भाजपा प्रत्याशी के प्रति कुछ नाराजगी देखने को मिल रही है। यह बीते दिनों से कई गांवों की जनसभाओं में देखने को भी मिली है। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी चौधरी धर्मबीर की राह इस बार आसान नहीं है। बात जजपा प्रत्याशी राव बहादुर सिंह की करें तो उन्होंने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। वह इससे पहले नांगल चौधरी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वहीं वर्ष 2014 में इनेलो से भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे कांग्रेस प्रत्याशी श्रुति चौधरी को पीछे छोड़ते हुए दूसरे पायदान पर रहे थे। ऐसे में ऊंट किस करवट बैठेगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय बनता जा रहा है। वहीं जनता भी खुल कर बोलने से परहेज कर रही है।
2019 में यह रहे थे परिणाम
पार्टी प्रत्याशी वोट प्रतिशत
भाजपा धर्मबीर चौधरी 736,699 63.56
कांग्रेस श्रुति चौधरी 292,236 25.21
2014 में ये रहे थे परिणाम
भाजपा धर्मबीर सिंह 404542 39.2
इनेलो बहादुर सिंह 275148 26.7
कांग्रेस श्रुति चौधरी
268115
26