नारनौल। नगर परिषद में सोमवार को सुबह नगर आयुक्त महावीर प्रसाद और पार्षदों के बीच नाराजगी दूर करने के लिए बैठक आयोजित की गई थी। इसमें नतीजा न निकलता देख शाम चार बजे दोबारा हुई बैठक की गई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। इसके बाद पार्षदों ने निर्णय लिया कि अब वह धरना नहीं देंगे।
बैठक के बाद जब पार्षद नीचे आ गए तो वहां मौजूद जेई प्रवीण और पार्षद देवेंद्र वार्ड का दरोगा बदलने को लेकर आपस में भिड़ गए। इस पर डीएमसी ने जेई को दरोगा बदलने को कह दिया। बैठक के बाद नीचे आकर पार्षद को कहीं जेई ने कह दिया कि काम उनके हिसाब से होगा। बस इसी बात को लेकर दोनों के अंदर नगर परिषद प्रांगण में जमकर कहासुनी हुई। बात बढ़ती देख अन्य पार्षदों ने मामले को किसी तरह शांत करवाया।
शहर की नगर परिषद के मुख्य गेट पर गत दस दिन पूर्व पार्षदों ने शहर में विकास कार्यों को लेकर धरना शुरू किया था। इस धरने को पूर्व मंत्री एवं विधायक ओमप्रकाश यादव ने पार्षदों की समस्याओं का एक सप्ताह में समाधान करने की बात कह कर इसे स्थगित करवा दिया था। इस दौरान पार्षदों ने विधायक से कहा कि वे एक सप्ताह तक धरना नहीं देगे, लेकिन उनका टेंट लगा रहेगा और अगर समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से धरने पर बैठ जाएंगे।
विधायक द्वारा दी गई समय अवधी पूरी हो जाने के बाद सोमवार को धरने पर बैठे पार्षद नगर परिषद में पहुंचे जहां उनकी सुबह करीब आधे घंटे तक डीएमसी महावीर प्रसाद के साथ बैठक हुई। डीएमसी को एक आवश्यक बैठक के लिए महेंद्रगढ़ जाना था इसलिए बैठक केवल आधे घंटे तक ही चली जिससे पार्षदों को संतुष्टि नहीं हुई। इसके बाद शाम चार बजे फिर पार्षदों ने डीएमसी के साथ बैठक की। डीएमसी के साथ बैठक में पार्षदों ने माना कि पहले से व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। बैठक में पार्षद नितिन चौधरी ने कहा कि डीएमसी ने उन पार्षदों के वार्डों की ओर अभी ध्यान नहीं दिया जो धरने पर बैठे थे और न ही वहां का दौरा किया। डीएमसी महावीर प्रसाद ने सभी पार्षदों की बात सुनकर उन्हें कहा कि मुझे यहां आए दो-चार महीने ही हुए हैं इसमें बताइए प्राॅपर्टी आईडी में सुधार हुआ क्या नहीं इस बात पर पार्षदों ने अपनी सहमति जताई।
डीएमसी ने कहा कि मैंने शहर में ऐसे 20 पॉइंट का दौरा किया जहां हमेशा गंदगी के ढेर लगे रहते थे आज उनकी रोज फोटो आती है और वहां गंदगी नहीं रहती। उन्होंने कहा कि सारी मशीनें काम के लिए रोड़ पर रहती जिनकी भी फोटो मेरे पास आती है। डीएमसी ने कहा कि शहर में सभी स्थानों पर किए जा रहे कार्यों की करीब 150 फोटो उनके पास रोज आती है जिन्हें वे देखते हैं। डीएमसी ने कहा कि उन्होंने पार्षदों के सभी जरूरी कामों के टेंडर भी लगवा दिए हैं। नगर परिषद ऐसा विभाग है जहां काम खत्म नहीं होता चलता ही रहता है इसलिए इसमें पार्षदों को सहयोग बनाकर रखना चाहिए। पार्षद डीएमसी की सभी बातों से संतुष्ट नजर आए, परन्तु सफाई व्यवस्था व कुछ एक आध काम को लेकर उन्होंने डीएमसी के सामने नाराजगी जताई। डीएमसी से पार्षदों की दो बार बैठक होने के बाद लगभग सभी बातों पर सहमती बन गई है। इससे पार्षदों ने धरना नहीं देने का निर्णय लिया है।