अध्यापकों के झगड़े के विरोध में स्कूल को ताला लगाते माधोगढ़ के ग्रामीण।
संस्कार एवं शिष्टाचार का पाठ पढ़ाने वाले गुरुजी ने अपनी मान मर्यादा को तार-तार कर दिया। शुक्रवार को गांव माधोगढ़ के सेठ प्रभु दयाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बच्चों के ही सामने प्राचार्य एवं जेबीटी अध्यापक के बीच जमकर लात-घूसे और डंडे चले। इस दौरान तीन लोग घायल हो गए। शिक्षकों के बीच हुए झगड़े से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को बच्चों की छुट्टी कर स्कूल को ताला लगा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने दोनों ही शिक्षकों का तबादला करने की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर ताला खुलवाया। कुछ समय बाद पहुंचे बीईओ बिजेंद्र सिंह श्योराण ने मामले की जांच कर जेबीटी अध्यापक सतपाल का तबादला कर दिया जबकि प्राचार्य मूलचंद को उच्च अधिकारियों से बात कर कार्रवाई करने की बात कही। माधोगढ़ के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह 9 बजे स्कूल को ताला लगाकर शिक्षकों के खिलाफ नारेबाजी भी की। ग्रामीणों कहा कहना है कि विद्यार्थी को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले अध्यापक जब बच्चों के सामने मारपीट करेंगे तो उन पर क्या असर पड़ेगा।
तीन को आई चोटें, दो रेफर
शुक्रवार को जेबीटी अध्यापक एवं प्राचार्य मूलचंद के बीच हुए झगड़े को बाबु जयचंद एवं प्रवक्ता बीरेंद्र ने बीच बचाव कर दोनों को अलग किया। मारपीट के दौरान प्राचार्य मूलचंद, प्रवक्ता बीरेंद्र सिंह तथा जेबीटी अध्यापक सतपाल को चोटें आई। तीनों को सिविल अस्पताल महेंद्रगढ़ में भर्ती करवाया गया जहां पर चिकित्सकों ने मूलचंद एवं बीरेंद्र को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
स्कूल में चलती है राजनीति
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में अध्यापक पढ़ाने की बजाय राजनीति करते हैं। स्कूल में अध्यापकों के दो गुट बने हुए हैं वो पढ़ाने की बजाय एक दूसरे की खींचतान में लगे रहते हैं। इस प्रकार की राजनीति से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। प्राचार्य मूलचंद ने बताया कि पांच सात लोग हैं जो जाति के नाम पर राजनीति करते हैं। कई बार कक्षाएं भी नहीं लेते है। इसके लिए उनको हिदायत भी दे रखी है और खंड शिक्षा अधिकारी को भी अवगत करवाया हुआ है।
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मैं वीरवार को नारनौल से अपनी सर्विस बुक लेकर आया था। शुक्रवार को स्कूल में क्लर्क के पास जमा करवाने के लिए गया था। इस दौैरान वहां मौजूद प्राचार्य मूलचंद ने मुझसे सर्विस बुक कहां से लाया, कब लाया, कौन लाया आदि प्रश्न करने लगे। मैंने इन सब का जवाब दे दिया तो वो बदतमीजी पर उतर आए और एसीआर खराब करने की धमकी देने लगे। इसके बाद उन्होंने मेरी लाठी डंडों से पिटाई भी की।
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जेबीटी अध्यापक सतपाल सर्विस बुक जमा करवाने के लिए आया था तो ऑफिस के दरवाजे पर खड़े चपरासी ने उसे रोक लिया और अंदर प्राचार्य से अनुमति लेने की बात कही। इतने में ही सतपाल ने चपरासी को साइड कर अंदर आ गया और स्कूल के बाबू पर चिल्लाने लगा जब उसके ऐसा करने के लिए मना किया तो वह मुझसे मारपीट करने लगा। स्टाफ के एकत्रित होने के बाद भी उसने मारपीट की। जबकि सभी अध्यापकों से कहा गया है कि कक्षा छोड़कर न आएं, अगर कोई कार्य हो तो मिडिल हेड को बताए। बावजूद सतपाल कक्षा छोड़कर आया था।
-मूलचंद, प्राचार्य