जाट आरक्षण आंदोलन की सूचना पर पुलिस ने जिले में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने व कानून व्यवस्था को बनाने के लिए कमर कस ली है। पिछले तीन-चार दिन से पुलिस अधिकारी जिले के जाट बाहुल्य गांवों का लगातार दौरा कर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं लोगों से कानून व्यवस्था को बनाए रखने की अपील कर रहे है।
पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर ने शनिवार को थाना सतनाली के गांव माधोगढ़, डालनवास, बारडा, बास तथा कनीना थाना के गांव उन्हानी, छिथरोली, चेलावास, झिगावन दुलोठ जाट आदि गांवों का दौरा कर लोगों को समझाया। वहीं लोगों से कानून अपने हाथ में ना लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी के बहकावे में न आकर किसी भी प्रकार का उपद्रव न करे। रोड व रेलवे ट्रैक पर न बैठे और किसी प्रकार की सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उपद्रव करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। रोड व रेलवे ट्रैक पर किसी भी सूरत में नहीं बैठने नहीं दिया जाएगा। वही कानून तोड़ने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा तथा उनके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक के साथ एसएचओ कैलाश चंद, एसएचओ ओमप्रकाश, इंस्पेक्टर हरीओम, रीडर सुरेंद्र, नरेश कुमार आदि मौजूद थे।
आंदोलनकारियों से निपटने के लिए बनाई सौ जवानों की कंपनी
जाट आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार स्थिति से निपटने के लिए सौ जवानों की एक पुलिस की कंपनी बनाई गई है। जो पुलिस लाइन नारनौल में पूरे साजों समान के साथ तैयार रहेगी। कंपनी की कमान डीएसपी सिटी महेश कुमार को सौंपी गई है। इसके अलावा 175 पुलिस कर्मचारियों को घोड़ा पुलिस, महिला पुलिस को पुलिस लाइन नारनौल में तैयार रहने के आदेश भी दिए है। वहीं जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया जाएगा।