जाट आंदोलन के लिए पुलिस सतर्क
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दंगाइयों से निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर ने सोमवार को पुलिस लाइन में जिले के डीएसपी, एसएचओ, चौकी इंचार्ज की बैठक ली। इसमें जाट आरक्षण के दौरान कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के साथ सख्ती से निपटने के लिए रणनीति बनाई। पुलिस अधीक्षक ने जून माह की 5 तारीख से जाट समुदाय द्वारा आरक्षण आंदोलन की शुरुआत होने की सूचना पर पूरे जिले को अलर्ट किया है। उन्होंने सभी एसएचओ को कड़े दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि आंदोलनकारियों को किसी भी सूरत में सड़क व रेलवे ट्रक पर बैठने न दिया जाएगा और ना ही किसी सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर आंदोलन के दौरान जरूरत पड़ी तो बाहर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने सभी सुरक्षा एजेंटों और पुलिस विभाग के खुफिया तंत्र को भी अलर्ट करते हुए आदेश दिए है कि वो भी उन लोगों की पहचान करें जो लोगों को भड़काने और आपसी भाईचारा खराब करने की कोशिश करे। ऐसे लोगों से पुलिस प्रशासन सख्ती से निपटेगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। सभी थाना प्रबंधक भी अपने-अपने थाना क्षेत्र के लोगों को कानून का पालन करने के लिए समझाएं, ताकि ग्रामीण किसी के बहकावे में आकर कानून व्यवस्था को अपने हाथ में ना ले, कानून के दायरे में रहकर कार्य करे। इस दौरान दंगाइयों से निपटने में किसी भी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी की ड्यूटी में लापरवाही बरदास्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन नारनौल में एक पुलिस कंपनी अपने पूरे साजो सामान लाठी, हेलमेट, बाड़ी प्रोडक्ट, टीयर गैस तथा उपद्रवियों द्वारा पेड़ काटकर रस्तों को बंध करने के प्रयास पर खोलने के लिए जेसीबी मशीन के साथ 24 घंटे तैयार रहने के आदेश दिए है। इसके साथ ही वाटर केनल गाड़ी भी तैयार की गई है। बैठक में डीएसपी महेश कुमार, डीएसपी साकिर हुसैन, इंस्पेक्टर हरिओम सहित सभी एसएचओ, रीडर सुरेंद्र डांगी, नरेश कुमार व नवल किशोर आदि उपस्थित थे।