कनीना। होली फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन दुल्हेंडी खेली जाती है। कनीना के पंडित ऋषि राज शितिकंठा ने बताया की 13 मार्च को उदय तिथि चतुर्दशी है, लेकिन सुबह 10:41 बजे पूर्णिमा लग जाएगी। सुबह 10:41 से 14 मार्च दोपहर 12:27 तक पूर्णिमा व्याप्त रहेगी। 13 मार्च को सुबह 10:41 मिनट पर पूर्णिमा शुरू होने के साथ ही भद्रा शुरू होगी। रात 11:31 मिनट तक रहेगी। भद्राकाल में कोई भी शुभ काम करने की मनाही होती। इस कारण से होलिका दहन का शुभ मुहूर्त वृश्चिक लग्न में रात 11:32 से रात को 1:34 तक रहेगा। सबसे पहले होलिका पूजन के लिए पूर्व या उत्तर की ओर अपना मुख करके बैठें।