फोटो संख्या:66- दो दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते मुख्य अतिथि डॉ. विरेंद्र चौहा
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग व भारत के सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के एनएसआईडी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में क्षमता निर्माण एवं संवेदीकरण कार्यक्रम के साथ दो दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि देश में पांच लाख ट्रांसजेंडर्स के अधिकारों की लड़ाई लड़ने व उन्हें समाज में मान सम्मान व प्रतिष्ठा दिलाने का कर्तव्य देश के प्रत्येक नागरिक का है। जब देश के नागरिक संवेदनशील बनेंगे तो देश की इस आबादी का भी विकास होगा। वे देश निर्माण में अपनी भूमिका अदा कर सकेंगे। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष डाॅ. विरेंद्र सिंह चौहान, ट्रांसजेंडर्स एक्टिविसिट दीपिका एवं अमृता भी उपस्थित रही।
डाॅ. अशोक कुमार ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कि देश के संविधान के अनुसार देश में सभी को समान के साथ जीने का अधिकार है। इसके लिए देश भर में मीडिया कर्मियों को जागरूक करने की आवश्यकता है। डाॅ. विरेंद्र चौहान ने भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह से हम इस वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में ट्रांसजेंडर्स को लेकर कभी भेदभाव नहीं हुआ है। देश में अंग्रेज के आने के बाद यह भेदभाव शुरू हुआ। डाॅ. टी लोंग्कोई, डाॅ. प्रदीप सिंह, डाॅ. कश्मीरा खानम ने विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर प्रो. प्रमोद कुमार, डाॅ. मोना शर्मा, डाॅ. श्रीराम पांडेय, डाॅ. जितेंद्र कुमार, डाॅ. कामराज सिंधु, डाॅ. जसवंत कुमार, डाॅ. आलेख एस नायक, डाॅ. पंकज व डाॅ. भारती बत्रा मौजूद रहे।