फोटो संख्या: 70 हकेंवि महेंद्रगढ़ में इंडक्शन कार्यक्रम में अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए डॉ.
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार से शुरू हुए इस कार्यक्रम में जर्मनी के एक प्रसिद्ध समाचार संस्थान से पहुंचे विवेक कुमार विद्यार्थियों को पत्रकारिता की बारीकियों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि दुनिया में समाचार को पढ़ने व देखने वालों की संख्या में निरंतर कमी हो रही है। यह मीडिया व उसमें काम करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर नहीं है। रायटर डिजिटल रिपोर्ट के अनुसार केवल 45 प्रतिशत लोगों की दिलचस्पी ही समाचारों में है। ऐसे समय में समाचार और अधिक दिलचस्प तरीके से पाठकों, दर्शकों व श्रोताओं तक पहुंचे। लोगों की समाचारों में दिलचस्पी बनी रहे, इसके लिए ही नई पीढ़ी के पत्रकारों व मीडिया कर्मियों को कार्य करना है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि 54 प्रतिशत लोग यूट्यूब व बड़ी संख्या में लोगों अब वॉटसअप, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से समाचार प्राप्त कर रहे हैं। इसलिए लोगों के लिए समाचारों का स्त्रोत बदल रहा है। ऐसे बदलते दौर में भावी पत्रकारों को खुद को तैयार करना होगा। आज पत्रकारिता के लिए जिस तरह के कौशल की आवश्यकता है, भविष्य में ऐसे कौशल से काम नहीं चलने वाला है। भविष्य में क्या स्किल होंगे यह आने वाला समय बताएगा लेकिन वर्तमान में विद्यार्थियों को रिपोर्टिंग स्किल्स, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, डाटा एनालिटिक्स, सर्च इंजन आप्टीमाइजेशन, आडियंश एंगेजमेंट जैसे नए स्किल सीखना जरूरी है। आज मीडिया के विद्यार्थियों को सभी तरह के फील्ड के लिए तैयार करना जरूरी है। विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नई तकनीक को अपना साथी बनाएं व मीडिया में आगे बढ़ने के लिए नए स्किल्स सीखते चलें।
समाजशास्त्र विभाग के डॉ. टी. लॉन्गकोई ने बताया कि समाजशास्त्र कैसे पत्रकारिता और जनसंचार की दुनिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सामाजिक समस्याओं और मुद्दों की गहरी समझ पत्रकारिता के लिए अनिवार्य है, और समाजशास्त्र इस समझ को विकसित करने में सहायक होता है। भारतीय मीडिया भारत की विविधिता को रिपोर्ट करने में कईं बार असफल रहा है। मीडिया कर्मियों के लिए यह जरूरी है कि वे भारत व उसके लोगों को समझें। आज भी मीडिया में सभी वर्गों व समूहों को सही रूप में रिपोर्ट नहीं किया जाता है। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने सभी वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि इंडक्शन कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय समाज, मीडिया उद्योग में हो रहे बदलावों के बारे में बताना है ताकि वे सत्र के शुरूआत में ही जान व समझ सकें कि वे किस क्षेत्र में व कैसा काम करने जा रहे हैं।