महिलाओं द्वारा स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ऋण उपलब्ध करवाया गया था। अब सरकार द्वारा ऋणों के बकाया ब्याज को माफ करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट ( ओटीएस ) योजना शुरू की है। इसके तहत महिला लाभार्थी मूल ऋण की पूरी बकाया राशि का भुगतान एकमुश्त या 6 किस्तों में करती है तो उसका सारा ब्याज माफ कर दिया जाएगा।
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने विकास के एजेंडे में महिलाओं को केंद्र में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। यह योजना उन ऋण लेेने वालों को कवर करेगी, जिनका ब्याज 31 मार्च 2019 को निगम को भुगतान के लिए बकाया है। योजना 31 मार्च 2019 को डिफाल्टर रूप से मूल राशि पर लागू होगी। लेकिन उसके बाद भुगतान की गई मूल राशि शामिल नहीं होगी।
उपायुक्त ने बताया कि ऋण लेने वालों को 6 महीने के भीतर इसका लाभ उठाने की अनुमति दी जाएगी। यदि कर्जदाता द्वारा बकाया मूल राशि को एकमुश्त या किस्तोें मे छह महीने के भीतर चुका दिया जाता है तो वह लाभार्थी महिला ब्याज की 100 फीसदी छूट के लिए पात्र होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छूट का लाभ ऋणी को बकाया मूलधन की अंतिम किस्त के भुगतान के समय दिया जाएगा। ब्याज में छूट केवल उन्हीं कर्जदारों को दी जाएगी जो 6 माह के भीतर पूरी बकाया मूल राशि का भुगतान कर देंगे। योजना के लाभार्थी कम से कम एक वर्ष के अंतराल के बाद ही भविष्य में एक और ऋण अग्रिम कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की योजना 6 महीने तक वैध होगी। किसी भी आधार पर या किसी न्यायालय के मामले या मध्यस्थता के बहाने योजना की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं के विकास कार्य शुरू करने के लिए कर्जदाताओं को ऋण देने के लिए राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, लेकिन उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। डीसी ने सभी लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं। यह योजना सीमित समय के लिए है। ऐसे में बिना देरी किए इस सौ फीसदी ब्याज माफी योजना का लाभ उठाना चाहिए।