जिला उपभोक्ता फोरम ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी पर 351690 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा 5500 रुपये उपभोक्ता के अधिवक्ता की फीस भी अदा करने का आदेश दिया है। गांव झुक निवासी राजकुमार ने बताया कि उसने महिंद्रा पिकअप गाड़ी का न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से 2017-18 के लिए बीमा कराया था। नौ फरवरी 2018 की रात के गांव झुक से अपने निजी कार्य के लिए महेंद्रगढ़ जा रहा था तो रास्ते में सिगड़ी गांव के नजदीक उसकी गाड़ी का ब्रेक फेल हो गया। संतुलन बिगड़ने के कारण गाड़ी सड़क के किनारे बनी पानी की टंकी व पत्थरों से टकरा गई थी व काफी नुकसान हो गया था। जिसको ठीक करवाने के लिए राजकुमार ने मिस्त्री को फोन किया तो मिस्त्री ने रात अधिक होने के कारण सुबह आकर गाड़ी को रिपेयर करने की बात कही थी। राजकुमार रात को गाड़ी को सड़क के किनारे पार्क करके अपने घर चला गया था। रात को उसकी गाड़ी में किसी ने आग लगा दी। राजकुमार ने गाड़ी के इंश्योरेंस का क्लेम करने के लिए कंपनी में दावा पेश किया। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने शिकायतकर्ता को कोई क्लेम न देकर उसका क्लेम खारिज कर दिया था। राजकुमार ने बताया कि उन्होंने एडवोकेट के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। सुभाष यादव एडवोकेट ने उपभोक्ता फोरम में गाड़ी के इंश्योरेंस, फोटोग्राफ , डीडीआर व फायर स्टेशन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद जिला उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन अशोक कुमार गर्ग व सदस्य सुदेश ने शिकायतकर्ता राजकुमार को 351690 का क्लेम इंश्योरेंस कंपनी को 30 दिन में अदा करने का आदेश सुनाया। साथ ही शिकायतकर्ता राजकुमार को 5500 रुपये अदालती खर्चा वकील फीस के रूप में अदा करने के आदेश दिया है।