नारनौल। मानसून से पहले जलभराव से निपटने के लिए शनिवार को उपायुक्त अनुपमा अंजली ने शहर के कई हिस्सों का निरीक्षण कर नालियों की सफाई का जायजा लिया। निरीक्षण में मिलने वाली कमियों को समय रहते ठीक किया जाएगा और सभी अधिकारियों को 30 जून तक रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में जमा करनी होगी।
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सफाई कार्य में तेजी लाने और सभी कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर सफाई और नालों से गाद निकालने (डिसिल्टिंग) के कार्य की नियमित निगरानी करेंगे।
जिला प्रशासन ने शहर के अलग-अलग हिस्सों की जिम्मेदारी कई वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है। अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पवारिया को सेक्टर-1, हाउसिंग बोर्ड, गणेश कॉलोनी, राम नगर और आसपास के क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है।
जिला परिवहन अधिकारी मनोज कुमार को प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों की व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि जिला नगर आयुक्त रणबीर सिंह को घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सफाई व अतिक्रमण नियंत्रण का कार्य सौंपा गया है। यह व्यवस्था समयबद्ध समाधान और बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आने की उम्मीद है आगे बढ़ेगी
निगरानी के लिए लगाए ये नोडल अधिकारी
अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पवारिया को सेक्टर 1 के दोनों फेज, वार्ड 31, हाउसिंग बोर्ड, गणेश कॉलोनी, राम नगर, पोकर कॉलोनी, महावीर चौक, कल्पतरु गली और वाल्मीकि बस्ती की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निर्मल नागर को महावीर चौक से बालाजी मंदिर, बस स्टैंड से रेवाड़ी रोड, नगर परिषद कार्यालय से पार्क गली, सीसएडी कैंटीन से छलक नाला व कृष्णावती नदी तक क्षेत्रों के सीवरेज और नालों के निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है। एसडीएम नारनौल अनिरुद्ध यादव, महेंद्रगढ़ के एसडीएम योगेश सैनी, कनीना के एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह और नांगल चौधरी के एसडीएम उदय सिंह को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यों की निगरानी सौंपी गई है।