फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों को भूमि देने के लिए करें प्रेरित, तभी बन सकेगी सड़क : संजीव कौशल

विज्ञापन
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
नारनौल। राज्य के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने मंगलवार को ई-भूमि हरियाणा पोर्टल के संबंध में राज्य के सभी उपायुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए जिलों में उपलब्ध भूमि के संबंध में जानकारी ली।
विज्ञापन

मुख्य सचिव ने कहा कि ई-भूमि हरियाणा पोर्टल हरियाणा सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए खरीदी जाने वाली भूमि की प्रक्रिया को आसान बनाना है। उन्होंने कहा कि कई जगह पर रास्ते को पक्का बनाने की मांग आई है। इसके लिए पहले किसानों को विभाग को दोनों तरफ दो-दो करम की भूमि देनी होगी। कुल 8 करम होने के बाद वहां पर राज्य सरकार सड़क बनवा सकती है।
उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जहां वे चार करम के रास्ते बनाने की मांग आई है वहां के किसानों को जमीन देने के लिए प्रेरित करें। कई जगह पर एक-एक खेवट में कई-कई मालिकों के नाम होते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के अधिकारी गांव में बैठकर सभी नागरिकों की सहमति लें। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल सरकार की जमीन की आवश्यकताओं को भू-स्वामियों के स्वैच्छिक भूमि बिक्री के प्रस्तावों को पूरा करने में मदद करेगा। इस बैठक में बीएंडआर विभाग के एक्सईएन अश्वनी कुमार तथा डीएफओ रोहताश सिंह मौजूद थे।
विज्ञापन

बाक्स
ई-भूमि पोर्टल पर जमीन की सहमति दे सकते हैं किसान : उपायुक्त
नारनौल। जिले में विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए जमीन के संबंध में उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने भू स्वामियों से आह्वान किया है कि वे सरकार की नीति के अनुसार ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन देने की सहमति दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी चार करम के रास्ते को पक्का करने की मांग है वहां किसान आपस में बातचीत करके जिला प्रशासन के साथ बैठक करें।
ऐसे प्रोजेक्टों को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाने के लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है। किसान भी आपस में बैठक करके जल्द से जल्द रास्ते के दोनों तरफ की दो-दो करम की जमीन प्रशासन को उपलब्ध करवाएं। कुछ ऐसे भी मालिक हैं जो यहां से किसी अन्य राज्यों में रहने लग गए हैं। ऐसे में उसके आस पड़ोस के नागरिक उन नागरिकों से संपर्क करके रास्तों के लिए जमीन उपलब्ध करवाने को सहमत करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें