महेंद्रगढ़। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के विस्तार विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के तत्वावधान में सहगल फाउंडेशन के साथ मिलकर संतुलित पशु आहार प्रबंधन पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने बताया कि शिविर का आयोजन अनुसूचित जाति उप परियोजना के तहत किया गया। शुष्क क्षेत्रों में पशुधन से अधिक से अधिक आय उपार्जन की जानकारी दी गई।
शिविर में पशु आहार विशेषज्ञ डॉ. ज्योति ने बताया की पशु आहार में खनिज मिश्रण का बहुत महत्व है। किसान पीढ़ी दर पीढ़ी ज्ञात हुए पारंपरिक ज्ञान के आधार पर या स्थानीय क्षेत्र में उपलब्ध एक या दो ही खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल करते हैं। पशुओं में अमूमन खनिजों की कमी हो जाती है। शरीर में खनिजों की कमी के पशु की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है और पशु दूध भी कम देता है। शिविर के दौरान पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र यादव ने खरीफ व रबी में बोई जाने वाली चारा फसलों के बारे में जानकारी दी। शिविर के दौरान 50 महिलाओं को खनिज मिश्रण वितरित किया गया।
महेंद्रगढ़ के 15 गांवों देवास, भांडोर ऊंची, भांडोर नीची, जासावास, खेड़की, पल्ह, पाल, गडानिया, कोथल खुर्द, कोथल कलां में सहगल फाउंडेशन के तहत कार्यरत पशु सखियों ने भी भाग लिया। डॉ पूनम यादव ने केंद्र की ओर से अनुसूचित जाति के लिए चल रही परियोजना के बारे में जानकारी दी। सहगल फाउंडेशन के परियोजना सहायक रामदिया, संजय, चरण सिंह, पूजा, पुष्पा मौजूद रही।