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देशी वस्तुओं की खरीदारी, चाइनीज सामान से बनाई दूरी

Fri, 28 Oct 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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दीपावली को लेकर बाजारों में रोनक बढ़ गई है। आसपास गांव के लोग बाजार में आकर जमकर खरीददारी कर रहे हैं। दीपावली पर घर की सुंदरता में किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे, इसके लिए लोग जरनल स्टोर से विभिन्न प्रकार के साज-सज्जा का सामान खरीद रहे हैं। बाजार से लोग महंगे-महंगे गुलदस्ते, पोट, लड़ी आदि खरीद रहे हैं। उनका मानना है कि दीपावली के दिन घर पर लक्ष्मी का प्रवेश होता है। उनके आगमन पर घर में जोरदार तैयारियां की जा रही हैं। लोग गणेश लक्ष्मी, हनुमान तथा अन्य  प्रकार की प्लास्टिक एवं संगमरमर की मूर्तियां खरीद रहे हैं।  वैसे इस बार लोग चाइनीज सामान से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि कुछ प्रतिशत दुकानदार और ग्राहक अभी भी चाइनीज वस्तुओं को बेच एवं खरीद रहे हैं। लेकिन अधिकतम लोगों ने चाइनीज वस्तुओं का बहिष्कार ही किया है। घरों एवं छतों पर लगने वाली चाइनीज लड़ियां इस बार बहुत कम देखने को मिल रही हैं।
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पोट एवं दीवार की सीनरी की मांग है ज्यादा
जरनल स्टोर के दुकानदार गौरव ने बताया कि इस बार गुलदस्ते, पोट एवं दीवारों पर लगने वाली सीनरी की मांग ज्यादा बढ़ रही है। लोगों ये चीजें ही ज्यादा खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास गुलदस्ते 100 रुपये से लेकर 5000 हजार रुपये तक के हैं जबकि पोट 500 रुपये से लेकर  दस हजार रुपये तक का है। उन्होंने बताया कि दीवार की सीनरी 250 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक की है। इसके अलावा लक्ष्मी पूजन के दौरान की जाने वाली सजावट चमकीले कागज की फूलपत्ती, झाड़, बंदरवाल, लड़ी आदि अन्य प्रकार के साज-सज्जा का सामान की मांग बाजार में है।

चाइनीज सामान से बनाई दूरी
इस बार क्षेत्र के लोग चाइनीज सामानों से दूरी बनाए हुए हैं। क्षेत्रवासी गिफ्ट, मोबाइल तथा गिफ्ट तथा अन्य प्रकार की चाइनीज वस्तुओं को खरीदने से परहेज किए हुए हैं। इसके अलावा दुकानदार भी चाइनीज वस्तुओं को बहुत कम बेच रहे हैं। इस बार अगर 60 प्रतिशत चाइनीज सामान भी नहीं बिका तो चाइना को महेंद्रगढ़ से 150 करोड़ रुपये का भारी नुकसान होगा।
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देश की मिट्टी के दिए ही करेंगे घर की छतों को जगमग
हर वर्ष दीपावली से दस दिन पहले घर की छतों पर अंधेरे में जगमग करने वाली   चाइनीज बल्ब की लडिय़ा इस बार गायब हो गई हैं। पांच-दस प्रतिशत घरों को  छोड़कर बाकी अन्य मकानों की छतों पर अभी तक लडिय़ा नहीं लगाई हैं। इतना ही  नहीं बाजार में भी कुछ दुकानदार ही लडिय़ा बेच रहे हैं।  लोगों ने मन बना  लिया है कि वो देश के साथ हैं देश की हर विषम परिस्थिति में वो साथ ही  रहेंगे। इस बार लोग अपने घरों की छतों पर मिट्टी के दीपक जलाकर ही दीपावली  रोशन करेंगे।
वर्जन:
लोग घरों को सजाने के लिए साज सज्जा का सामान उत्साह से खरीद रहे हैं। लोग ज्यादा गणेश लक्ष्मीमूर्ति, गुलदस्ता, सीनरी आदि खरीद रहे हैं। इस बार  चाइनीज सामान नहीं लाया गया।  कुछ सामान जो पुराना बचा हुआ है वो ही बेच रहे हैं।
-----------दुुकानदार गौरव शर्मा
बुधवार की बजाया आज बाजार में रोनक रही है। लोग बड़ी तस्वीरें, पोट, गुलदस्ते चाव से खरीद रहे हैं सबसे ज्यादा तो चमकीले कागज की बेल तथा काल्पनिक मालाएं खरीदी जा रही हैं। चाइनीज वस्तु न तो हम बेच रहे, न ही कोई मांग रहा है।        
----दुकानदार सचिन अग्रवाल         
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चाइनीज लड़िया खरीदने की आवश्यकता ही नहीं है। चाइनीज लड़ियों के स्थान पर वो मिट्टी के दीपक जलाएंगे। वो इस बार नहीं कभी भी चाइनीज सामान का प्रयोग नहीं करेंगे।
-ग्राहक-नरेश जोशी

दीपावली पर कोई चाइनीज वस्तु नहीं खरीदेंगे। हमारे देश की  वस्तुएं चाइनीज से कम नहीं है उनसे कहीं अधिक अच्छी हैं। फिर हम क्यों चाइनीज वस्तु खरीदें। चाइनीज वस्तुए यूज एंड थ्रो के आधार पर होती हैं जबकि देश की वस्तुएं खराब होने पर दोबारा ठीक करवाया जा सकता है। वो कई वर्ष निकाल सकती हैं।
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