महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बुधवार को दो विशेषज्ञ व्याख्यानों का आयोजन किया गया। आयोजन में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों व स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थियों व शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्पीच, पोस्टर, पेंटिंग, क्विज प्रतियोगिताओं सहित वंडर ऑफ इनोवेशन, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट और वर्किंग मॉडल प्रतियोगिताओं के अंतर्गत स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय 94 विजेताओं को पुरस्कृत किया। विज्ञान दिवस कार्यक्रम के संयोजक प्रो. एके यादव ने बताया कि वंडर ऑफ इनोवेशन के अंतर्गत 220 पंजीकरण, क्विज प्रतियोगिता के लिए 100, भाषण प्रतियोगिता के लिए 150 और पेंटिंग प्रतियोगिता के लिए 80 पंजीकरण हुए। प्रो. हरीश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत के लिए भारतीय तकनीक थीम पर आधारित कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर के प्रो. चेतन प्रकाश कौशिक और सीएसआईआर नेशनल फिजिकल लेबोरेट्री, नई दिल्ली के प्रो. अमित्व सेन गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की। विश्वविद्यालय की प्रथम महिला प्रो. सुनीता श्रीवास्तव भी उपस्थित रहीं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि भारत आज का दिन नोबल पुरस्कार पाने वाले महान वैज्ञानिक डॉ. सीवी रमन के योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाता है। कुलपति ने आयोजन में सम्मिलित विशेषज्ञों का स्वागत व आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अवश्य ही उनके संबोधनों से प्रतिभागी लाभान्वित होंगे। विकसित भारत के निर्माण में भारतीय ज्ञान-विज्ञान के योगदान का उल्लेख करते हुए कुलपति ने कहा कि अब केवल जागरूकता भर से बात नहीं बनेगी।
विशेषज्ञ वक्ता प्रो. चेतन प्रकाश कौशिक ने सतत विकास में न्यूक्लियर साइंस और तकनीक के स्तर पर उपलब्ध संभावनाओं को चुनौतियों पर प्रकाश डाला। प्रो. कौशिक ने राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और परमाणु कचरे के प्रबंधन के लिए अपनाई जा रही विभिन्न तकनीकों पर चर्चा की। इस अवसर पर प्रो. नीलम सांगवान, कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, प्रो. एके यादव, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. राजेश कुमार गुप्ता, प्रो. विकास बेनीवाल, प्रो. कांति प्रकाश, प्रो. सुरेंद्र सिंह सहित भारी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी व शिक्षक उपस्थित रहे।