सरकार कोविड-19 के प्रति सतर्कता बरतने के लिए लोगों से आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की अपील कर रही है। जिसके बाद काफी लोगों ने एप को डाउनलोड किया हैं। एप डाउनलोड होने के बाद हेल्थ के सेल्फ असेसमेंट का ऑप्सन आता है। जिसमें हेल्थ संबंधी जानकारी देनी होती है। इसमें कई लोग खांसी, सर्दी और जुकाम की शिकायत दे रहे हैं। स्वास्थ्य निदेशालय ने ऐसे करीब 1500 लोगों की जानकारी सिविल सर्जन कार्यालय को भेजी हैं। सीएमओ कार्यालय ऐसे लोगों की जानकारी लेने में जुटा है।
बता दें कि सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर आरोग्य सेतु एप लांच किया है। जिसके बाद जिले में करीब छह हजार से अधिक लोगों से एप को डाउनलोड किया है। इस एप को डाउनलोक करने के बाद कुछ जानकारी देनी होती है। इसमें विदेश यात्रा के अलावा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी शामिल है। इसी दौरान लोगों को बताना पड़ता हैं कि उन्हें खांसी, सर्दी और बुखार की शिकायत है या नहीं। जानकारी के अनुसार कई लोगों ने हेल्थ असेसमेंट के दौरान बुखार, खांसी और जुकाम की जानकारी दी है। जब इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय ने देखा तो पूरी जानकारी सिविल सर्जन नारनौल को भेजी।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ऐसे लोगों की रिपोर्ट विभाग से मिली है। ऐसे लोगों को फोन कराकर पूरी जानकारी ली जा रही है। यदि कॉल के दौरान व्यक्ति के स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी देता है तो जांच कराया जाएगा। अभी ऐसा मामला सामने नहीं आया है।
कुछ लोगों ने टेस्ट के लिए डाला था तो कुछ ने कहा - बच्चों ने डाला होगा
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने करीब 1500 लोगों का डाटा मिला है। उन्होंने बताया कि चार सदस्यीय टीम ऐसे लोगों को फोन कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ले रही हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश लोग बता रहे हैं कि टेस्ट के लिए डाल दिया था, तो कोई बता रहा है कि बच्चे ने जानकारी दे दी थी। कुछ ऐसे भी अभिभावक हैं, जिन्हें पता भी नहीं है और बच्चों ने एप डाउनलोड कर जानकारी दी। सीएमओ ने कहा कि जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं हैं। सभी लोगों को फोन कर जानकारी ली जा रही है। यदि किसी की तबीयत खराब होगी तो जांच कराई जाएगी। बता दें कि हाल में जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया था कि आरोग्य सेतु एप लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से आगाह करता है। कोई कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति छह फीट के दायरे में आता है तो तुरंत संदेश आने शुरू हो जाएंगे। एप कोरोना के प्रति अलर्ट कर देगा। ऐसे में लोगों ने जिज्ञासावश डाउनलोड कर देखना शुरू कर दिया। हालांकि प्रशासन ने नागरिकों से आह्वान किया था है कि वे जब भी अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करें तो सही जानकारी दें। गलत जानकारी देने पर भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।