फोटो नंबर- 23डाकघर में उपलब्ध वाटर प्रूफ लिफाफे। संवाद
नारनौल। भाई की कलाई पर राखी बांधने की ख्वाहिश दूरी की वजह से अधूरी न रह जाए, इसलिए बहनों ने डाकघर का रास्ता चुना है। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के दौर में भी रक्षाबंधन पर राखी भेजने के लिए स्पीड पोस्ट की मांग बनी हुई है। शहर के डाकघर से रोज 50 से 60 महिलाएं दूसरे शहरों और राज्यों में रहने वाले भाइयों के लिए राखी भेज रही हैं।
अब तक जापान और अमेरिका में रहने वाले भाइयों के लिए राखियां भेजी जा चुकी हैं। 5 अगस्त को जापान भेजी गई राखी पर करीब 850 रुपये और 6 अगस्त को अमेरिका भेजी गई राखी पर करीब 500 रुपये खर्च हुए।
डाकघर में राखी भेजने के लिए विशेष वाटरप्रूफ लिफाफे भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। 10 रुपये कीमत वाले इन लिफाफों पर हैप्पी राखी और हैप्पी रक्षा बंधन लिखा हुआ है। बारिश के मौसम को देखते हुए महिलाएं इन लिफाफों को ज्यादा पसंद कर रही हैं।
डाकघर के माध्यम से राखी भेजने का यह सिलसिला बताता है कि तकनीक ने संदेश पहुंचाने का तरीका जरूर बदल दिया है, लेकिन भाई-बहन के रिश्ते में जुड़ी भावनाओं की जगह आज भी वही है।
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शिवरात्रि पर डाकघर में मिल रहा गंगाजल
शिवरात्रि पर हरिद्वार नहीं जा पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए डाकघर में गंगाजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। 250 एमएल की बोतल की कीमत 30 रुपये है। मांग को देखते हुए डाकघर ने 500 बोतल मंगवाई हैं। शिवरात्रि के अलावा भी लोग यहां से गंगाजल लेते हैं। मई में 47, जून में 11, जुलाई में 21 और अगस्त में अब तक 19 बोतल वितरित हो चुकी हैं।
वर्जन:
राखी भेजने वाली महिलाओं के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है ताकि परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। स्पीड पोस्ट से राखी भेजने की लागत दूरी व पार्सल के वजन के आधार पर निर्धारित की जाती है।
-ब्रह्मप्रकाश यादव, डाकपाल, प्रधान डाकघर, नारनौल