नारनौल। जिले के गांव शोभापुर की पंचायत ने स्वर्ण जयंती स्वच्छता पुरस्कार योजना के लिए सबसे पहले अपना दावा प्रस्तुत किया है। इसकी प्रमाणिकता के लिए एडीसी आरएस वर्मा ने शुक्रवार को गांव का दौरा किया। जहां यह गांव स्वच्छता की कसौटी पर खरा उतरा। प्रधानमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन को प्रगति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वर्ण जयंती स्वच्छता पुरस्कार योजना की शुरूआत जुलाई से की थी। इसके बाद से ही पंचायतों में स्वच्छता के प्रति काफी उत्साह नजर आ रहा है।
पंचायत के इस दावे के साथ ही उपायुक्त संजीव वर्मा द्वारा पिछले माह सबसे पहले स्वच्छ गांव घोषित होने वाले गांव का एक दिन का मेहमान या मेजबान बनने की घोषणा के दायरे में भी यह गांव आ गया है। अब डीसी एक दिन इस गांव में मेहमान बनकर रहेंगे। इसके लिए 7 अगस्त का दिन भी निर्धारित कर दिया गया है। एडीसी आरएस वर्मा ने आज सुबह 6 बजे गांव का दौरा कर खुले में शौच की स्थिति का अवलोकन किया जिसमें ग्राम पंचायत द्वारा गांव के प्रत्येक मुख्य रास्तों पर नियुक्त की गई टीम से वार्ता करने पर पाया कि 20 जून को उपायुक्त के दौरे के दौरान दिए गए आश्वासन के 15 दिन बाद से ही कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं जाता है।
गांव में समस्त गंदी नालियों का पानी भी एक जगह जोहड़ में डाला जाता है। गांव की सफाई के लिए सरपंच बिजेंद्र यादव उर्फ बिल्लू के नेतृत्व में विशेष अभियान का ही प्रभाव है कि बरसाती मौसम में भी गांव में मच्छर नही हैं। इसके लिए ग्राम पंचायत द्वारा छिड़काव करवाया गया था।
अतिरिक्त उपायुक्त आरएस वर्मा ने गांव शोभापुर में खुले में शौच जाने की स्थिति का अवलोकन किया। गांव में गंदे पानी की निकासी का प्रबंधन व सफाई व्यवस्था देखने उपरान्त स्वर्ण जयंती स्वच्छता पुरस्कार योजना के तहत जिले के प्रथम गांव के रूप में शोभापुर गांव को खुले में शौच मुक्त के साथ-साथ गांव को पूर्ण साक्षर भी घोषित किया।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला परामर्शदाता संजय यादव, जिला समन्वयक सुरेश चौधरी (साक्षर भारत मिशन) व गांव स्कूल के अध्यापक को निर्देश दिये की आगामी 31 अगस्त तक प्रतिदिन स्कूली बच्चों, पंचायत सदस्यों, प्रेरकों, खंड समन्वयक व सक्रीय ग्राम वासियों के सहयोग से प्रतिदिन प्रभात फेरी निकाली जाए और गांव की खुले में शौच के प्रति बनी सकारात्मक मानसिकता को आदत में शामिल किया जा सकें।
सरपंच बिजेन्द्र यादव व ग्रामवासियों ने आश्वासन दिया कि इस मानसिकता को सदैव बरकरार रखा जाएगा। अब तक जिला महेन्द्रगढ़ की 346 ग्राम पंचायतों में से 82 ग्राम पंचायत ओडीएफ. घोषित हो चुकी हैं। इस अवसर पर मिशन नारनौल 346 पर बल देते हुए जिले की समस्त ग्राम पंचायतों को 31 दिसंबर तक खुले में शौच से मुक्त घोषित करने का संकल्प दोहराया गया। इस मौके पर सरपंच बिजेन्द्र यादव उर्फ बिल्लु, पूर्व सरपंच व खंड समन्वयक सोनू यादव, उत्तम यादव, जितेन्द्र यादव, दिलराज सिंह, उमेर सिंह, रतिराम, दलीप सिंह, कंवर सिंह, महेन्द्र, सुरेश पंच, इन्द्र सिंह, राकेश पंच, ईश्वर पंच, अभय सिंह, बिरेन्द्र साहब, शशिबाला, सविता, कौशल्या पंच व उपस्थित ग्रामीणों ने ईश्वर को साक्षी मानकर अतिरिक्त उपायुक्त के सामने सदैव गांव को स्वच्छ व खुले में शौच मुक्त बनाये