फोटो नंबर-18लघुसचिवालय की ओर जाने वाले मार्ग के पोल पर लगे होर्डिंग। संवाद
नारनौल। शहर में अवैध होर्डिंग्स का विस्तार सरकारी भवनों के आसपास तक पहुंच चुका है। शहर में लगभग हर सरकारी परिसर के बाहर अवैध होर्डिंग्स लगे हैं। यह होर्डिंग्स न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि नगर परिषद की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
महेंद्रगढ़ रोड से लघु सचिवालय के रोड पर पोल और पेड़ों पर कई अवैध होर्डिंग्स लगे हैं। इसी रोड पर न्यायालय पड़ता है और थोड़ी दूरी पर लघु सचिवालय स्थित है, जहां विभिन्न सरकारी दफ्तर मौजूद हैं।
लघु सचिवालय के भीतर तो केवल सरकारी योजनाओं से जुड़े बोर्ड लगे है लेकिन सड़क मार्ग पर निजी प्रचार वाले होर्डिंग स्पष्ट रूप से नजर आए। हैरानी की बात यह है कि जिले के अधिकारी इसी मार्ग से रोजाना आवागमन करते हैं, बावजूद इसके अवैध होर्डिंग हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
निजी प्रचार बोर्डों की भरमार
इसके अलावा, बस स्टैंड व सामने स्थित डीआरडीए कार्यालय के आसपास की स्थिति भी लगभग इसी तरह है। मुख्य मार्ग पर निजी प्रचार बोर्डों की भरमार है। वहीं, शहर के राजकीय महाविद्यालय और राजकीय महिला महाविद्यालय के बाहर सड़क किनारे काफी मात्रा में प्रचारक होर्डिंग हैं।नागरिक अस्पताल परिसर के अंदर केवल सरकारी योजनाओं से जुड़े बोर्ड लगे थे, परंतु बाहर निजी प्रचार के विज्ञापन बोर्ड लगे हैं। यही हाल पीएनबी बैंक के बाहर है।
अवैध होर्डिंग्स बने दुर्घटनाओं का कारण
शहर में बढ़ रहे अवैध होर्डिंग्स कई बार वाहन पर टूट कर भी गिर जाते हैं जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा रहता हैं। नगर परिषद द्वारा लगातार अभियान चलाने के बावजूद सरकारी परिसरों के आसपास अवैध होर्डिंग्स का बने रहना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
वर्जन-
शहर में वैसे तो निरंतर रूप से होर्डिंग हटाने का कार्य चल रहा है। अगर सरकारी कार्यालयों के मार्ग में होर्डिंग लगे हैं तो इन्हें जल्द हटाया जाएगा। -प्रवीण खटक, जेई नगर परिषद, नारनौल