नारनौल। आखिरकार तीन साल बाद नारनौल के नागरिक अस्पताल में आईसीयू वार्ड शुरू हो गया है। इसकी वजह से रोहतक व जयपुर जैसे बड़े शहरों की तरफ मरीजों को लेकर भागना नहीं पड़ेगा। अब गंभीर रूप से घायल मरीजों को नारनौल के नागरिक अस्पताल में ही उपचार मिल जाएगा। इससे मरीजों को निजी अस्पताल में भारी भरकम फीस नहीं देनी पड़ेगी।
नारनौल के नागरिक अस्पताल में फिजिशियन नहीं होने की वजह से मरीजों को रेफर किया जाता था। बीते एक माह पहले ही फिजिशियन आया था, जिसके बाद आईसीयू वार्ड को शुरू करने की कवायद शुरू हो गई थी। क्षेत्र के लोग भी काफी दिन से आईसीयू वार्ड को शुरू करने की मांग कर रहे थे ताकि गंभीर रूप से बीमार मरीज को सरकारी अस्पताल में ही उपचार मिल सके।
10 वार्ड का बनाया गया वार्ड
नारनौल के नागरिक अस्पताल में 10 आईसीयू का वार्ड बनाया गया है। इसकी वजह से 10 गंभीर मरीज को आसानी से अस्पताल में ही उपचार मिल जाएगा। इसके लिए 4 डॉक्टर व 4 स्टॉफ सदस्यों को नियुक्त किया गया है, जो 24 घंटे मरीजों को देखभाल करेंगे।
2 मरीजों को दिया गया उपचार
आईसीयू वार्ड शुरू होते ही 2 मरीजों को उपचार दिया जा चुका है। एक मरीज के शरीर में पानी भरने की समस्या थी, वहीं अब डेंगू की चपेट में आ गया था। जिसे आईसीयू वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया गया। जिसे वीरवार को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं दूसरा मरीज हार्ट से संबंधित बीमारी से ग्रस्त था, जिसे भी आईसीयू में भर्ती कर उपचार किया गया। अब स्वस्थ होने के बाद सोमवार को छुट्टी दे गई।
आईसीयू वार्ड शुरू कर दिया गया है। इसमें 4 डॉक्टर व 4 स्टॉफ कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। अब गंभीर रूप से घायल आने वाले मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा। नागरिक अस्पताल में ही आईसीयू वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जाएगा।
-डॉ. जितेंद्र कुमार, आईसीयू वार्ड प्रभारी व फिजिशियन नागरिक अस्पताल, नारनौल।