कनीना। शरद पूर्णिमा पर श्री कृष्णानंद धाम धनौंदा में विश्व शांति के लिए हवन किया गया। यज्ञ उपरांत परम संत शिरोमणि स्वामी कृष्णानंद महाराज के परम शिष्य ब्रह्मचारी स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि भगवान के बताएं मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी पराजित नहीं होता।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि इंसान की सबसे बड़ी पूंजी मानवता है। यदि किसी में मानवता नहीं है तो वह मनुष्य नहीं पशु के समान है। उन्होंने कहा जिस व्यक्ति में मानवता है, वह भगवान को प्रिय होता है और प्रभु सदैव उसकी सहायता करते हैं। स्वामी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने समाज से अंधविश्वास व अन्याय को मिटाने का जो कार्य किया, उसे युगों युगों तक स्मरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निर्मल समाज ही शुभ कर्म कर सकता है और वही भगवान के मार्ग में आगे बढ़ सकता है। इस अवसर पर ट्रस्ट के व्यवस्थापक कैलाश गोयल, अध्यक्ष अनिल यादव, वाइस चेयरमैन ठाकुर कर्मवीर सिंह, कोषाध्यक्ष विजय कुमार आर्य, उप कोषाध्यक्ष डॉ. फतेहचंद दायमा, मखनलाल आचार्य, आनंद सिंघल, नरेंद्र शास्त्री, घनश्याम शास्त्री सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।