महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर पुलिस चौकी न होने से जेबकतरों के हौसले बुलंद हैं। बस स्टैंड से प्रतिदिन पांच से छह हजार लोग यात्रा करते हैं। यहां पर लड़ाई-झगड़े के मामले भी सामने आ रहे हैं। सामाजिक संगठन बस स्टैंड पर पुलिस चौकी को लेकर कई बार मांग उठा चुके हैं।
सामाजिक संगठनों ने महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर चार वर्ष तक प्रर्दशन करने, मुख्यमंत्री, डीसी व एसपी को बार-बार ज्ञापन देने के बाद महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर 16 दिसंबर 2021 को पुलिस चौकी खोली गई और उसमें दो महिलाएं व दो पुरुष कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते लगातार पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम होती गई आखिरकार चौकी बंद हो गई। तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर पुलिस चौकी नहीं खोली गई। 112 नंबर पुलिस की गाड़ी राउंड बस स्टैंड पर चक्कर लगाती जरूर है, लेकिन वह भी एक या दो मिनट बाद चली जाती है।
चौकी खुलवाने को लेकर चार वर्ष का संघर्ष किया गया था। उसके बाद अस्थायी चौकी खोली गई थी, लेकिन तीन माह में चौकी को बंद कर दिया गया। उसके बाद से चोरी, लड़ाई-झगड़ा जैसे आपराधिक मामला बढ़ने लगा है।
-समाजसेवी रामनिवास पाटोदा।
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर पुलिस चौकी खुलनी चाहिए। बस स्टैंड पर शिक्षण संस्थान पर जाने के लिए यहां से छात्राएं आवागन करती है। पुलिस प्रशासन का बस स्टैंड पर पुलिस चौकी खुलनी चाहिए।
-रामसिंह।
पुलिस चौकी खुलवाने को लेकर गई बार एसपी, डीजीपी, डीसी, मंत्री व विधायकों को ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन अभी तक सरकार द्वारा बस स्टैंड पर स्थायी पुलिस चौकी नहीं खोली गई।
-समाजसेवी धर्मपाल।
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर आए दिन लड़ाई- झगड़ा, चोरियां होती रहती है। शरारती तत्व वारदात को अंजाम देकर बेखौफ होकर वहां से निकल जाते है। पुलिस चौकी होने से इस प्रकार की कोई घटना उत्पन्न न हो सके।
-राजपाल।
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर पुलिस चौकी खोलने या पुलिस कर्मियों की तैनाती को लेकर थाना प्रभारी महेंद्रगढ़ के अलावा रोडवेज जीएम को भी कई बार अवगत करवाया जा चुका है। इस को लेकर थाना प्रभारी को पत्र भी दे चुके हैं।
-राजेश कुमार, बस स्टैंड, इंचार्ज।