किसी भी गाय को भूख और प्यास से नहीं मरने दिया जाएगा और प्रदेश की गोशालाओं को आत्म निर्भर बनाया जाएगा। इसके अलावा देश में गायों और उनके दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। ये विचार हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन भवानी सहाय मंगला ने श्रीगौशाला महेंद्रगढ़ में 25 गौशालाओं के प्रतिनिधियों की बैठक में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि कि प्रदेश में 3 लाख गौवंश हैं। 1 लाख 15 हजार गौवंश बाहर सड़कों पर घूमने पर मजबूर है। उन्होंने कहा कि इन गौवंशों के लिए अलग से अभ्यरायण बनाए जांगे। सहाय ने कहा कि गौशालाओं में गायों के पंचगव्य से बने उत्पाद बनाए जाए ताकि गौशालाएं आत्म निर्भर बन सकें। उन्होंने हिसार एवं महेंद्रगढ़ श्री गौशाला का उदाहरण देते हुए कहा कि हिसार की लाडवा गौशाला में कैंसर, हेपेटाइटास आदि विभिन्न बीमारियों की दवाएं बनाई जाती हैं जबकि श्रीगौशाला महेंद्रगढ़ रसगुल्ले बनाकर बेचती हैं। दोनों ही गौशालाएं अपने आप में आत्म निर्भर हैं। इसी प्रकार प्रदेश की सभी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
गौशालाओं में लगाई जाएंगी यूनिट:
चेयरमैन भवानी सहाय ने कहा कि गौशालाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए यूनिट लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न गौशालाओं में अलग-अलग यूनिट लगाई जाएंगी। गौशालाओं गोबर से बनने वाली धूप, अगरबत्ती, जैविक खाद, गौमूत्र से बनने वाले फिनाईल की यूनिटें स्थापित की जाएंगी। गौबर के प्रयोग से बनने वाली बायोगैस बनाना भी शुरू किया जाएगा। इनका उत्पाद बाजार में बिकने से गौशालाएं आत्म निर्भर बन सकेंगी। इससे प्रदेश में गौशाला के उत्पदों को भी बढ़ावा मिलेगा। दूध से बनने वाले उत्पादन भी गौशालाओं में बनाएं जाएंगे।
गौसेवा आयोग के चेयरमैन भवानी सहाय मंगला ने कहा कि देशी गऊओं को प्रदेश में बढ़ावा दिया जाए ताकि देशी गायों और उनके उत्पादों को बढ़ावा मिल सकें। उन्होंने कहा देशी गायों का पंचगव्य अमृत के सामान होता है। विदेशी सांडों के लिए अभ्यरायण 5 जिलों में अभ्यराण बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिसार, पानीपत, जींद, यमुनानगर, भिवानी आदि स्थानों पर अभ्यरायण बनाए जाएंगे अगर महेंद्रगढ़ वासी अभ्यरायण के लिए स्थान दे दें तो वे यहां भी बनावा देंगे।