विभिन्न मांगों को लेकर चल रही एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही, लेकिन अन्य दिनों की भांति शुक्रवार को भी अस्पताल प्रशासन ने जरूरी सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अस्पताल में मरीजों को एंबुलेंस सेवा को छोड़कर अन्य किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
हालांकि अस्पताल प्रशासन ने कुछ कर्मचारियों को हायर कर एंबुलेंस सेवा को भी बहाल रखने का प्रयास किया। जिसके चलते मरीजों को अधिक परेशानी नहीं हुई। सरकार द्वारा अस्पताल परिसर व उसके आसपास धारा-144 लागू करने पर सिविल सर्जन डॉ. डीएन बागड़ी ने कर्मचारियों को अस्पताल प्रांगण में धरना पर बैठने से रोक दिया गया।
इसके बाद सभी हड़ताली कर्मचारी जिला प्रधान हरकेश के नेतृत्व में नागरिक अस्पताल से सरकार विरोध नारे लगाते हुए पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। रेस्ट हाउस के गेट के बाहर धरना दिया। धरने का संचालन जिला सचिव कृष्ण कुमार ने किया। प्रधान हरकेश ने कहा कि पूरे प्रदेश एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगो के लेकर शांतिपूर्वक आंदोलन चला रहे है परंतु सरकार द्वारा 27 अक्तूबर को 53 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि 6 राज्य पदाधिकारियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार का कार्य लोगों को रोजगार मुहैया करवाना होता है, परंतु प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने दीपावली के मौके पर कर्मचारियों का रोजगार छीन लिया गया है। प्रधान ने बताया कि रोहतक में गत दिवस राज्य की विभिन्न स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के साथ हुई बातचीत में हड़ताली कर्मचारियों को समर्थन देने की अपील की गई है।
इस अवसर पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य संदीप यादव, डा. अमित शर्मा, कृष्णा कुमारी, सरजीत, रवींद्र कुमार, मनोज, अशोक कुमार, दिलबाग सिंह, सुभाष यादव व कुलदीप कुमार के अलावा सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान धर्मेंद्र यादव, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र बोयत, संघ के जिला महासचिव किराड़ीमल सैनी सहित विभिन्न यूनियनों के कर्मचारी नेता उपस्थित थे।