महेंद्रगढ़। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन का लंबित मांगों को लेकर संघर्ष जारी है। शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक वर्गीय कर्मचारी लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए 15 व 16 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास कुरुक्षेत्र पर होने वाले दो दिवसीय पड़ाव में शामिल होंगे। हेमसा के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता सुजान मालड़ा ने बताया कि लिपिक वर्गीय कर्मचारी लंबित पदोन्नति मामलों का निपटान करने, एसीपी का लाभ समय पर देने, दूरदराज क्षेत्रों में स्थानांतरित कर्मचारियों का समायोजन नजदीक क्षेत्र में करवाने। वर्क लोड अनुसार नए पद सृजित करवाने, खाली पदों पर स्थाई भर्ती करने। एसईटीसी की बजाय रिफ्रेशर कोर्स करवाने सहित अनेक मांगों को लेकर हेमसा संगठन ने संघर्ष का बिगुल बजा रखा है।
मांगों को लेकर 30 जनवरी को निदेशालय शिक्षा सदन पंचकूला पर हल्ला बोल प्रदर्शन भी किया गया। जहां अधिकारियों ने मांगों का समाधान करने की बजाय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी। लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी निदेशक सेकेंडरी शिक्षा पंचकूला की ओर से हेमसा संगठन को बातचीत का आधिकारिक पत्र जारी नही किया है। इससे स्पष्ट जाहिर होता है कि अधिकारी संगठन की लंबित मांगों को लेकर कतई गंभीर नही है। सरकार की आन लाइन पालिसी को उच्च अधिकारियों द्वारा ठेंगा दिखाया जा रहा है। जिससे सरकार की छवि तो खराब हो ही रही है। वहीं कर्मचारियों को भी इस पालिसी का लाभ समय पर नही मिल रहा। जिससे कर्मचारियों में सरकार व उच्च अधिकारियों के प्रति गंभीर रोष है। हेमसा के कर्मचारी सर्व कर्मचारी संघ के इस कार्यक्रम में शामिल होकर आंदोलन को मजबूती देने का काम करेंगे ।