भारतीय सीमा सुरक्षा बल में एएसआई के पद पर कार्यरत एक सैनिक की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। सैनिक के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर मंगलवार की शाम उसके पैतृक गांव कुंजपुरा में लाया गया। जैसे ही सैनिक का शव गांव में पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। गांव में सैनिक का अंतिम संस्कार मंगलवार शाम को सम्मान पूर्वक किया गया।
गांव कुंजपुरा निवासी बिक्रम सिंह (42) बीएसएफ में एएसआई के पद पर कार्यरत था। जो इस समय जम्मू कश्मीर के जिला कुपवाड़ा के किरण सेक्टर में तैराई चेक पोस्ट पर तैनात था। सोमवार सुबह उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। नजदीक के साथियों ने उसके उपचार के अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी मौत हो गई। विक्रम सिंह बीएस की 100 बटालियन में तैनात था। उसका पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लपेटकर जब गांव में लाया गया तो चारों और माहौल गमगीन हो गया। बीएसएफ के जवानों ने सलामी देकर उसका अंतिम संस्कार करवाया। अंतिम संस्कार में प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार महेन्द्र सिंह, थाना प्रभारी गुलाब सिंह, एएसआई सतीश कुमार, हवलदार जसबीर, बीएसएफ के एसआई अशोक कुमार, रणबीर गौड़ आदि सैनिक को सलामी देने पहुंचे। सैनिक को मुखाग्नि उसके बेटे नीरज ने दी। सैनिक अपने पीछे दो मासूम बच्चे व अपनी पत्नी को बिलखता हुआ छोड़ गया। अंतिम संस्कार की सलामी के बाद एसआई रणबीर गौड़ व नायब तहसीलदार ने सैनिक के पुत्र नीरज को तिरंगा दिया। ताकि सैनिक के जन्मोत्सव व पुण्यतिथि पर तिरंगे को लहरा सके। सैनिक के अंतिम संस्कार में पूर्व सीपीएस अनीता यादव, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र नंबरदार, पूर्व पार्षद संजय गोयल, ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन अशोक यादव, इनेलो नेता जसवंत सिंह, सरपंच दलीप सिंह, राजू जाट, मनोज कुंजपुरा आदि थे।