महेंद्रगढ़। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उपमंडल के गांव चामधेड़ा में निक्षय शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष शर्मा, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सुरजीत सिवाच, डॉ. चंद्रपाल, स्वास्थ्य कर्मी अनूप रिवासा व जयप्रकाश ने मरीजों की जांच की। शिविर में 60 साल से अधिक के बुजुर्गों, टीबी मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों, शुगर व बीपी के मरीजों की जांच करके दवा दी गई।
सुरजीत सिवाच व डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया की टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी मरीजों की पहचान कर रही है और निक्षय पोषण योजना के तहत छह हजार रुपये भी मरीज को दिए जाते हैं। दवाई आरंभ होते ही तीन हजार रुपये पहली किस्त के रूप में मरीज को दिए जाते है। उन्होंने कहा की टीबी फेफड़ों के साथ-साथ शरीर के किसी अंग पर हो सकती है। उन्होंने कहा की दो सप्ताह से अधिक खांसी होना, वजन लगातार कम होना, लगातार बुखार आना, शरीर के किसी अंग पर गांठ होना आदी टीबी के लक्षण होते है। समाज में किसी को भी इस प्रकार के लक्षण हो तो तुरंत टीबी की जांच करवाकर इलाज शुरू करवाना चाहिए ताकि भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत का सपना साकार हो सके। डॉ. चंद्रपाल व स्वास्थ्य कर्मी अनूप रिवासा के कहा की छह माह का दवाई का कोर्स लेने पर मरीज पूर्णत ठीक हो जाता है। इस अवसर पर संगीता देवी आशा कार्यकर्ता, जयप्रकाश, भोला राम, सरपंच कृष्ण कुमार मौजूद रहे।