डॉक्टरों की कमी से जुझ रहे स्वास्थ्य विभाग को 26 डॉक्टर मिलेंगे। फिलहाल छह डॉक्टरों ने ज्वाइंन कर लिया है। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले में 26 डाक्टरों को ज्वाइंन करना है। अभी छह डॉक्टरों ने ज्वाइंन किया है। इसमें से दो डॉक्टरों ने जीएच में ज्वाइंन किया है।
बता दें कि जिले में डॉक्टरों की कमी से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिला अस्पताल समेत पीएचसी व सीएचसी पर भी डॉक्टरों की कमी है। जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों के 135 पद स्वीकृत हैं। इसमें 79 भरे हुए जबकि 56 खाली है। इससे जिला अस्पताल में भी मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। यदि किसी डॉक्टर ने किसी कार्यवश अवकाश ले लिया तो मरीजों का दर्द और बढ़ जाता है। डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल प्रबंधन ने रिटायर्ड डॉक्टरों (कंसलटेंट) की सेवाएं ले रहा हैं। लेकिन, इससे भी मरीजों को राहत नहीं मिलती है। सिविल सर्जन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जीएच नारनौल में डॉक्टरों के 42 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 18 कार्यरत है जबकि 24 पद खाली हैं। इसी प्रकार एसडीएच महेंद्रगढ़ में 11 में नौ भरे हुए हैं। सीएचसी सतनाली में सात में तीन भरे हुए है जबकि चार खाली है। सीएचसी अटेली में आठ में दो, सीएचसी नांगल चौधरी में सात में पांच, सीएचसी नांगल सिरोही में सात में चार, सीएचसी सेहलंग में आठ में से एक, सीएचसी कनीना में सात में पांच डॉक्टर कार्यरत हैं। पीएचसी भोजावास में दो डॉक्टरों के पद स्वीकृत है, लेकिन कोई नहीं है। इसके आलावा पीएचसी सिहमा, सिरोही बहाली, अंतरी, बामनवास, मंडाना, बिगोपुर, बहलाकलां व पीएचसी छिलरो में दो-दो डॉक्टरों के पद है और भरे हुए हैं। ऐसे में नए डॉक्टर मिलने से हेल्थ सेवाओं में सुधार होगा।