माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। संयुक्त अस्पताल अब सिर्फ कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा। देर शाम शासन ने निर्देश जारी किया कि जल्द से जल्द संयुक्त अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में तैयार किया जाए। अस्पताल में सामान्य ओपीडी, महिलाओं का प्रसव और सामान्य मरीजों का उपचार बंद कर दिया जाएगा।
कोविड वार्ड में इलाज करने वाले डाक्टर व स्टाफ को होटल में रोका जाएगा, वह अस्पताल से सीधे होटल में जाएंगे वहां से अस्पताल आएंगे। इलाज के दौरान वह अपने परिजनों से दूर रहेंगे। स्टेट प्रोग्राम आफिसर डा. एके पालीवाल ने देर शाम अस्पताल का निरीक्षण करते हुए काम शुरू करोन का आदेश दिया।
संजय नगर स्थित100 बेड के संयुक्त अस्पताल में 90 बेड के मरीजों के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां पर उन्हीं मरीजों को भर्ती किया जाएगा जो मुरादनगर के कोविड अस्पताल लेवल वन से रेफर किए जाएंगे। यहां से लेवल दो के बाद भर्ती मरीजों की स्थित मं सुधार न होने पर उन्हें मेरठ मेडिकल कालेज रेफर किया जाएगा। योजना के तहत पहली शिफ्ट में अस्पताल के डाक्टर काम करेंगे, जबकि दूसरी शिफ्ट में सीएमओ के अंडर में काम कर रहे डाक्टर इलाज करेंगे।कोविड अस्पताल बनाने के बाद डायलिसिस कराने और मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शुरू किए विशेष उपचार में भी परेशानी आ सकती है। आइसोलेशन वार्ड होगा बंद कोविड अस्पताल शुरू होने के बाद आइसोलेशन वार्ड को बंद कर दिया जाएगा। इसमें सिर्फ गंभीर उन मरीजों को भर्ती किया जाएगा जो लेवल वन पार कर चुके होंगे, यानि की उनके उपचार के लिए वेंटीलेटर सहित गंभीर इलाज की जरूरत होगी।
मेन गेट बंद कर पीछे की तरफ से मरीज होंगे भर्ती अस्पताल का मेन गेट बंद कर दिया जाएगा। पीछे की तरफ से लेबर रूम वाले गेट की तरफ से कोरोना मरीजों को वार्ड में भर्ती किया जाएगा। इस मामले में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. नरेश विज का कहना है कि प्रसव महिला अस्पताल में होंगे जबकि सामान्य इमरजेंसी जिला एमएमजी अस्पताल में शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि अर्ली इंवेंसन सेंटर को बंद कर दिया जाएगा, जबकि मरीजों का डायलिसिस होता रहेगा।
आशुतोष यादव