महेंद्रगढ़। यादव धर्मशाला के मुख्य सभागार में मौनी अमावस्या पर यादव सभा के प्रधान एडवोकेट अभय राम यादव की अध्यक्षता में पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य की देखरेख में हवन एवं सत्संग का आयोजन किया गया।
अधिवक्ता धर्मवीर सिंह आर्य ने मौनी अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की माघ मास की अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या कहते हैं। यह योग पर आधारित महाव्रत है। सभा के प्रधान अभय राम यादव ने बताया कि मौन से व्यक्ति में सहनशीलता और धैर्य का विकास होता है। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि अनावश्यक वाद-विवाद से बचने के लिए मौन सबसे प्रभावी उपाय है। मौन के माध्यम से आत्मा और ब्रह्मांड के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है। इसके अलावा मौन वाणी से होने वाले पापों, झूठ और विवादों से बचने का मार्ग भी है। वेदों और उपनिषदों में मौन को ब्रह्मचर्य, सत्य और संयम के साथ जोड़ कर देखा गया। इस अवसर पर कोमल यादव, निर्मला यादव, राम कला, रामरती देवी व पुस्तकालय के विद्यार्थी मौजूद रहे।