रेवाड़ी। अंसल टाउन निवासी मुकुट अग्रवाल को लंबे समय से परेशान कर रही अंकतालिका (डीएमसी) की गलती अब दूर हो गई है। मुकुट अग्रवाल ने वर्ष 1992 में स्कूल से कक्षा आठवीं और वर्ष 1996 में कक्षा बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
दाखिले के समय उन्होंने अपना नाम मुकुट अग्रवाल बताया था लेकिन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा जारी अंकतालिकाओं में उनका नाम गलती से मुकुट कुमार अग्रवाल दर्ज हो गया था।
इसके बाद उन्होंने वर्ष 1994 में केएलपी कॉलेज में कक्षा ग्यारहवीं में दाखिला लिया और शिक्षा जारी रखी। हालांकि बारहवीं की अंकतालिका में भी उनका नाम गलत ही आया। इस कारण मुकुट अग्रवाल काफी समय तक असंतोष और हताशा का सामना करते रहे।
नवंबर 2025 में उनकी मुलाकात सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट कैलाश चंद से हुई। कैलाश चंद और उनकी सहयोगी अधिवक्ता ने मुकुट अग्रवाल की ओर से 1 दिसंबर 2025 को जिला न्यायालय में मामला दायर किया और शिक्षा बोर्ड को कोर्ट का सम्मन भेजा।
जैसे ही बोर्ड के पास न्यायालय का सम्मन पहुंचा, तुरंत कार्रवाई करते हुए कक्षा आठवीं, दसवीं और बारहवीं की अंकतालिकाओं में नाम मुकुट अग्रवाल के रूप में दुरूस्त किया और नई अंकतालिका जारी की। मुकुट अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया है।