महेंद्रगढ़। यादव धर्मशाला परिसर में अमावस्या पर तथा संस्कृति, इतिहास, शौर्य एवं वीर भूमि के प्रतीक हरियाणा के स्थापना दिवस पर हवन किया गया।
हवन के उपरांत वक्ताओं ने हरियाणा के इतिहास व संस्कृति पर विस्तार से प्रकाश डाला। सभा के प्रधान एडवोकेट अभय राम यादव मुख्य यजमान बने। वेद प्रचार मंडल के जिला प्रधान डॉ. प्रेमराज आर्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह आर्य, अधिवक्ता धर्मवीर सिंह आर्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
डॉ. प्रेमराज यादव ने कहा कि हरियाणा राज्य की स्थापना 1 नवंबर 1966 को हुई थी। इससे पहले हरियाणा पंजाब का हिस्सा था तथा जिस हिस्से में हरियाणवी या हिंदी भाषा बोली जाती थी उसे हरियाणा में शामिल किया गया। कुरुक्षेत्र की पावन धरा से ही भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। वहीं पानीपत में भारत की तीन प्रमुख लड़ाइयां लड़ी गई थीं। महाभारत के युद्ध और पानीपत की तीनों लड़ाइयों का भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान है। हरि आना अर्थात भगवान का आगमन, जब महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन, श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान का निरीक्षण किया था। इस दौरान सचिव रोहताश सिंह यादव, बाबू रंगराव सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष बाबू जगदीश प्रसाद यादव, राजेंद्र सिंह, अजीत सिंह, रामकला मौजूद रहे।