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Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल में बिना चिकित्सक चल रहा गायनी वार्ड

Tue, 02 Apr 2024 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। नारनौल के नागरिक अस्पताल में अक्सर गायनी वार्ड चर्चा में बना रहता है। सिजेरियन के लिए अभी ऑन काॅल चिकित्सक बुलाए जा रहे हैं। वहीं गायनी वार्ड में सामान्य प्रसव होने के बाद चिकित्सक का होना जरूरी होता है।
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बीते सप्ताह में करीब दो-तीन दिन ही गायनी वार्ड में तीनों शिफ्ट में चिकित्सक रहे हैं। ऐसे में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गायनी वार्ड में तैनात एक महिला चिकित्सक के छुट्टी पर जाने से समस्या और भी बढ़ गई है। बीते तीन-चार दिन से गायनी वार्ड बिना चिकित्सक स्टाफ नर्स के सहारे चल रहा है, लेकिन इसको लेकर जिम्मेदार अभी तक गंभीर नहीं है। ऐसे में कई बार चिकित्सकों के अभाव में निजी अस्पताल में प्रसव करवाना पड़ रहा है।

दो बजे की शिफ्ट के बाद नहीं रहती चिकित्सक
गायनी वार्ड में अभी सुबह की शिफ्ट में एक डॉक्टर आ रही है, वह ओपीडी भी देख रही है और गायनी वार्ड में भी ड्यूटी कर रही है। इसके बाद 2 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद गायनी वार्ड में एक भी महिला चिकित्सक नहीं रहती है। अगर इस समय किसी प्रसव पीड़ा या फिर अन्य प्रकार की समस्या हो जाए तो स्टाफ नर्स ही संभालती है। ऐसा हाल करीब सप्ताह भर से ज्यादा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अनेक बार रात की शिफ्ट में भी कोई चिकित्सक नहीं रहता है। जिसकी वजह से रात को प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है।
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स्टाफ नर्स व महिलाओं के बीच हो चुकी है लड़ाई

बीते छह माह पहले गायनी वार्ड में महिला स्टाफ नर्स व प्रसव के लिए आई महिला के परिजनों के बीच हाथापाई व मारपीट हो चुकी है। यह मामला पुलिस तक पहुंच गया था। इसके बाद महिला के परिजनों ने पुलिस में भी शिकायत दी थी।

सिजेरियन के लिए भी नहीं स्थायी चिकित्सक
नागरिक अस्पताल में जिलेभर सहित सीमावर्ती राजस्थान के गावों से भी प्रसव के लिए आते हैं। नागरिक अस्पताल में इन दिनों सिजेरियन से होने वाले प्रसव के लिए भी कोई स्थायी चिकित्सक नहीं है। इसके लिए भी ऑन कॉल से चिकित्सक को बुलाया जाता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को भारी भरकम राशि देनी पड़ रही है। एक सिजेरियन के लिए करीब 4000 से 5000 रुपये दिए जाते हैं।


गायनी वार्ड के लिए दो महिला चिकित्सकों को डेपुटेशन पर लगाया जाएगा। जिससे एक या दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे। वहीं मरीजों को भी ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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सर्वजीत थापर, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल नारनौल।
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