फोटो नंबर- 24भाला फेंक का अभ्यास करते गुलशन।
नारनौल। जिले में जैवलिन खिलाड़ियों के लिए भले ही कोई खेल नर्सरी नहीं है लेकिन मोहनपुर निवासी गुलशन अपने हौसले और मेहनत के दम पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर अपनी प्रतिभा साबित की है। अब उनका सपना दो साल बाद होने वाली अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
गुलशन को जैवलिन खेलने की प्रेरणा अपनी बड़ी बहन रत्ना से मिली। रत्ना रेस वॉकिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। बहन से प्रेरित होकर गुलशन ने महज 12 साल की उम्र में खेतों में भाला फेंकने का अभ्यास शुरू किया था। कुछ समय बाद टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने से उनका उत्साह और बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने नियमित अभ्यास को अपनी दिनचर्या बना लिया।
गुलशन अब 55 से 60 मीटर तक भाला फेंकने में सक्षम हैं। सितंबर 2022 में रोहतक में हुई ओपन स्टेट प्रतियोगिता के अंडर-14 वर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद नवंबर 2022 में गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने चौथा स्थान हासिल किया।
हालांकि, गुलशन को दो साल तक चोट के कारण खेल से दूर रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इस वर्ष जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर उन्होंने राज्य स्तर के लिए क्वालीफाई किया।
गुलशन बताते हैं कि उनके पिता ने खेत में अभ्यास के लिए करीब 2 हजार रुपये का भाला खरीदकर दिया था, जिसे वह आज भी संभालकर रखते हैं। वह नीरज चोपड़ा को अपना आदर्श मानते हैं और आने वाली अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखते हैं। उनका सपना है कि वह नीरज चोपड़ा के 86 मीटर के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकें।