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Mahendragarh-Narnaul News: दस साल में नारनौल में 18.45 मीटर भूजल स्तर सुधरा

Sat, 16 Nov 2024 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर-07नहर में चलता पानी।
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नारनौल। जिले में नहरी पानी समय पर आने से कुछ गांवों के भूजल स्तर में सुधार हुआ है। वहीं कुछ गांव ऐसे भी है जहां नहरी पानी नहीं पहुंचने से भूजलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसकी वजह से उन गांवों में खेती के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
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वहीं जिले के आठ ब्लॉक में दो ऐसे भी गांव है, जिनका 100 मीटर से ज्यादा भूजलस्तर पहुंच चुका है। इसमें अटेली ब्लॉक के रामपुरा गांव का वर्ष 2023 में 82.6 मीटर भूजलस्तर दर्ज किया गया था, जो वर्ष 2024 के अक्तूबर के आंकड़ों में यह 118.7 पर पहुंच गया। हालांकि महेंद्रगढ़ ब्लॉक के निहालावास गांव का भूजलस्तर 2017 के बाद से ही 110 के ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2013 से वर्ष 2024 तक जिले के आठ ब्लाॅक में से 6 ब्लाकों में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि जिले को डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए सिंचाई विभाग जगह-जगह डैम बना रहा है। वहीं कृष्णावती नदी को भी रिचार्ज करने के लिए पानी डाला जा रहा है।
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वर्ष 2013 के सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार नारनौल का उस समय भूजलस्तर 57.25 मीटर था। वहीं अक्तूबर 2024 के आंकड़ों के अनुसार नारनौल का 38.8 मीटर भूजल स्तर है। ऐसे में दस में नारनौल का भूजलस्तर 18.45 मीटर ऊपर आया है। जो क्षेत्र के लिए राहत देने वाली बात है। वहीं सीहमा ब्लॉक में भी दस साल में 1.16 मीटर भूजलस्तर सुधरा है। सिंचाई विभाग द्वारा दोहान व कृष्णावती नदी में लगातार पानी डालने से आसपास के गांवों में धीरे-धीरे भूजलस्तर में सुधार हो रहा है। इससे कई गांवों में बंद पड़े ट्यूबवेल भी दोबारा से शुरू हो गए हैं। क्षेत्र में अटल भूजल योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से डैम बनाए गए हैं। वहीं जोहड़ों की भी खोदाई कर उनमें नहरी पानी डाला जा रहा है, जिसका असर भी देखने को मिल रहा है।


इंसेट
महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, कनीना व अटेली में ज्यादा गिरावट

महेंद्रगढ़ ब्लॉक में वर्ष 2013 में 44.23, नांगल चौधरी में 40.4, कनीना में 26.75 और अटेली में 63.64 भूजल स्तर दर्ज किया गया था, जो अब बढ़कर महेंद्रगढ़ में 77.87, नांगल चौधरी में 54.59, कनीना में 38.57 और अटेली में 77.87 मीटर भूजल स्तर दर्ज किया गया है।




इंसेट
नूनीवाल में 5.02 मीटर, रामपुरा में 118.7 मीटर पहुंचा भूजलस्तर






जिले में भू जलस्तर को लेकर अनियमितता बनी हुई। जिले में कहीं पीने योग्य पानी भी उपलब्ध नहीं है, वहीं कुछ जगहों पर नहरी पानी आने से भूजलस्तर में काफी सुधार हुआ है। नारनौल ब्लाक के नूनीवाल गांव में भूजलस्तर 5.02 मीटर है, जो जिले में सबसे बेहतर है। वहीं अटेली ब्लॉक के रामपुरा गांव में 118.7 मीटर भूजलस्तर पहुंच गया है, जो एक साल में ही करीब 36 मीटर भूजल स्तर की गिरावट देखने को मिली है।
इंसेट







अक्तूबर में लिए गए डाटा पर एक नजर





ब्लाॅक वर्ष 2013 वर्ष 2021 वर्ष 2022 वर्ष 2023 वर्ष 2024



अटेली 63.64 73.6 74.17 74.65 77.87


कनीना 26.75 32.15 32.27 36.73 38.57 महेंद्रगढ़ 44.23 51.61 50.66 55.84 58.56

नांगल चौधरी 40.4 46.19 45.77 54.88 54.59


नारनौल 57.25 51.11 48.43 38.39 38.8


सीहमा 41.4 40.66 39.81 39.87 39.9


निजामपुर 27.23 33.4 32.84 33.96 33.9


सतनाली 62.2 66.7 67.3 67.75 69.38






वर्जन:

गांवों में जोहड़ और डैम को नहरी और बारिश के पानी से भरा जा रहा है। वहीं दोहान और कृष्णावती नदी को रिचार्ज किया जा रहा है। इससे आसपास के गांवों में सुधार भी हो रहा है। -राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग नारनौल।
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