मंडी अटेली। गत 31 जुलाई को नूंह में हुई हिंसा व आगजनी को देखते हुए क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों ने विशेष समुदाय के खिलाफ एसडीएम के नाम पत्र भेजकर विरोध जताया था कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। उसके बाद से प्रशासन हरकत में आया और खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में डीसी की अध्यक्षता में ग्रामीण सरपंचों की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें कहा गया कि यह क्षेत्र शांति पूर्वक इलाका है। यहां पर इस तरह के पत्र लिख कर शांति भंग करने का प्रयास न करे। प्रशासन की इस बात को लेकर सरपंचों ने अपने लिख हुए पत्र वापिस ले लिए। सैदपुर के सरपंच विकास यादव ने कहा कि नूंह की हिंसा को देखते हुए सोशल मीडिया पर पत्र जारी किए थे लेकिन किसी भी अधिकारी को पत्र पेश नहीं किया गया। जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रशासन की बैठक में सभी पंचायतों ने पत्र वापिस लेने का निर्णय लिया है।
किसी भी पंचायत ने हमें लिखित रूप में पत्र नहीं दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर पत्र वायरल हुए थे। प्रशासन की बैठक के बाद सभी वापस लेने की बात कुबूली। क्षेत्र में अमन चैन कायम है। कोई किसी प्रकार की विवादित बातें नहीं है।
-नरेश कुमार बीडीपीओ, अटेली नागंल।