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Mahendragarh-Narnaul News: सरकारी भवन खंडहर होने के बाद नहीं किए ध्वस्त, कभी भी हो सकता है हादसा

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फोटो नंबर-11जर्जर अवस्था में पड़ा मंडी अटेली का भवन। संवाद
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मंडी अटेली। कस्बे की अधिकतर पुरानी सरकारी इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। सरकारी विभागों द्वारा पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखने के बाद भी इन इमारतों को कंडम घोषित नहीं किया जा रहा। इन खंडहर इमारतों से कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
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कस्बे के पुराने अस्पताल का भवन काफी पुराना हो चुका है। उसके पास ही नया भवन बना दिया गया है। इसके साथ लगती पुरानी इमारत को तोड़ा नहीं गया है। ऐसे भवनों का बारिश के दौरान गिरने का खतरा बना रहता है।
इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 2020 से पत्र लिखकर भी अवगत कराया जा चुका है। इस बिल्डिंग में डॉक्टर के लिए व स्टाफ के लिए क्वार्टर्स बने हुए थे। अब उनकी जगह नए क्वार्टर बनाने के लिए भी फाइल सरकार को भेजी हुई है।
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वहीं, दूसरी ओर इसके साथ लगते जन स्वास्थ्य विभाग व किसान विश्रामगृह, पुराना पटवार घर व पुरानी तहसील की बिल्डिंग भी पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। वह कभी भी गिर सकती है। एक साल पहले तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त ने भी इनका निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने भी इस बिल्डिंग को तोड़ने के आदेश दिए थे। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इन बिल्डिंग को तोड़ा नहीं गया है।
उधर, मॉडल संस्कृति स्कूल व प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग भी काफी पुरानी हो चुकी है, इस तरफ भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि इसके लिए पिछले एक साल से बार-बार पत्राचार किया जा चुका है। उसके बावजूद भी प्रशासन इन खंडहर बिल्डिंग के प्रति मौन नजर आ रहा है। यदि इन बिल्डिंग को तोड़कर नई बिल्डिंग बना दी जाए तो जो सरकारी कार्यालय प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहे हैं, उनसे निजात मिल सकती है।

वर्जन:
अटेली कस्बे में जहां उपतहसील कार्यालय, पटवारी घर, अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग के रिहायशी इमारत, बाल भवन, बिजली विभाग की इमारत आदि सहित अनेक भवन खंडहर में तब्दील हो गए हैं। उन्हें कंडम घोषित कर दिया है। आगे की कार्रवाई संबंधित विभाग स्वयं करेंगे।
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-जितेंद्र कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी नारनौल।
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