महाविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में प्रवेेश लेने के लिए किए जा रहे ऑनलाइन आवेदनों में छात्राएं जागरूक नजर आ रही हैं। दस्तावेज अपलोड करने में छात्राएं गलती नहीं कर रहीं। छात्र अपने मूल दस्तावेज अपलोड करने में लापरवाही बरत रहे हैं। राजकीय पीजी कॉलेज में लगभग 15 प्रतिशत छात्रों ने गलत दस्तावेज अपलोड किया है।
मूल दस्तावेज की बजाय गलत दस्तावेज अपलोड कर रहे इन विद्यार्थियों को फोन पर मैसेज कर दस्तावेज की गलतियों को सुधारने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। पिछले चार दिन में राजकीय महिला महाविद्यालय में 162 छात्राओं ने तथा राजकीय पीजी कॉलेज के 338 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। 7 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कोरोना के चलते विद्यार्थियों को दस्तावेज की जांच के लिए महाविद्यालयों में नहीं बुलाया जा रहा है। उनके मूल दस्तावेज ऑनलाइन ही फॉर्म के साथ अपलोड किए जा रहे हैं। उच्चत्तर शिक्षा विभाग पोर्टल दस्तावेज की जांच करने के लिए संबंधित कॉलेज के पास पोर्टल पर भेज रहा है। वीरवार को राजकीय महिला महाविद्यालय ने 29 फॉर्म की जांच की। जिनमें कोई गलती नहीं मिली। राजकीय पीजी कॉलेज ने 27 फॉर्म जांचे।जिसमें 4 विद्यार्थियों ने गलत दस्तावेज अपलोड कर रखे थे। एडमिशन कमेटी ने उस पर ऑब्जेक्शन लगाकर विद्यार्थियों को मैसेज भेज दिया है। विद्यार्थियों को 48 घंटों में सही दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके बाद उनके फॉर्म की जांच दोबारा एडमिशन कमेटी करेगी। एडमिशन कमेटी की ओर से ओके होने पर ही उसका फॉर्म सही माना जाएगा। वीरवार को उच्च शिक्षा विभाग की ओर से फॉर्म जांच की सूची नहीं भेजी।
राजकीय पीजी कॉलेज
कक्षा सीटें
बीए-134
बीकॉम-36
बीएससी (एनएम)-122
बीएससी (एम)-31
बीसीए-15
कुल-338
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राजकीय महिला महाविद्यालय
कक्षा सीटें
बीए-79
बीकॉम-17
बीएससी (एनएम)-39
बीएससी (एम)-25
बीए ऑनर्स-01
कुल- 161
वर्जन
हमारे कॉलेज में 29 फॉर्म आए थे। उनमें सभी फॉर्म की जांच कर वापस भेजे दिए गए हैं। किसी फॉर्म में कोई गलती नहीं थी। सभी फॉर्म सही पाए गए। अब तक 161 छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं।
करण सिंह यादव, नोडल अधिकारी, राजकीय महिला महाविद्यालय।