फोटो नंबर- 27छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाते हुए कोच।
नारनौल। राजकीय महाविद्यालय में महिला विकास प्रकोष्ठ के अंतर्गत 10 दिवसीय सेल्फ डिफेंस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के चौथे दिन छात्राओं ने आत्मरक्षा के गुर सीखे।
प्राचार्या डॉ. पूर्ण प्रभा ने बताया कि छात्राओं को यौन शोषण व अन्य सामाजिक बुराइयों से स्वयं को दूर रखना है। शिक्षा ही इसका एकमात्र साधन है। महिला प्रकोष्ठ अधिकारी एवं कार्यक्रम संचालक डॉ. पलक ने बताया कि छात्रों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें शारीरिक सुरक्षा के साथ-साथ मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
आत्मरक्षा के माध्यम से वे संकट की स्थिति में स्वयं की रक्षा कर सकती हैं। यह प्रशिक्षण अनुशासन, आत्म नियंत्रण और मानसिक संतुलन भी सिखाता है, जो उनके समग्र व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है। साथ ही यह उन्हें संभावित खतरों से निपटने की क्षमता देता है। महाविद्यालय में महिला विकास प्रकोष्ठ के अंतर्गत सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग पिछले 3 साल से लगातार हर वर्ष दी जा रही है। जिसका लाभ महाविद्यालय की छात्राओं को मिलता है ताकि वो बिना किसी डर के शिक्षा पूरी कर सकें। इस कार्यशाला में 100 से अधिक छात्राओं ने हिस्सा लिया। जिसमें कोच मनोहर लाल ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की बारीकियां सिखाई।