नारनौल। खरीद में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अब क्यूआर कोड से गेट पास जारी किए जा रहे हैं। क्यूआर कोड व्यवस्था बीते सोमवार से शुरू की गई है। इसके बाद बाजरे की आवक में भी करीब 70 प्रतिशत की कमी आई है।
गौरतलब है कि गत सप्ताह तक प्रतिदिन करीब 700 से एक हजार तक गेट पास जारी किए जा रहे थे लेकिन क्यूआर कोड व्यवस्था लागू होने के बाद प्रतिदिन करीब 100 से 150 गेट पास ही जारी किए जा रहे हैं। खरीद में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अब क्यूआर कोड व्यवस्था के तहत गेटपास जारी किए जा रहे हैं।
किसान अपने पंजीकृत मोबाइल द्वारा क्यूआर कोड जनरेट करते हैं। इसके बाद मार्केट कमेटी कर्मचारी द्वारा क्यूआर कोड को स्कैन कर उसमें वाहन नंबर और बाजरे का वजन डाला जाता है, जिसके बाद गेटपास नंबर जारी होता है। मार्केट कमेटी कर्मचारियों ने मंगलवार को साइट बंद होने की बात कहकर दोपहर 2 बजे गेट बंद कर दिया था।
इस कारण 2 बजे बाद बाजरा बेचने आए किसान बिना बाजरा बेचे ही लौट गए थे। किसानों ने बताया कि गेटपास कब से कब तक काटे जाएंगे इसके लिए कोई समय निर्धारित नहीं है और मार्केट कमेटी द्वारा मनमर्जी से साइट बंद होने की बात कहकर गेट बंद कर दिए जाते हैं।
इंसेट
स्मार्ट फोन का इस्तेमाल नहीं करने वाले किसानों को हो रही परेशानी :
क्यूआर कोड व्यवस्था से गेट पास सुगमता से जारी किए जा रहे हैं और किसानों को लाइन में भी नहीं लगना पड़ रहा लेकिन क्षेत्र में कई किसान ऐसे भी है जो स्मार्ट फोन का इस्तेमाल नहीं करते। ऐसे में वह किसान साइबर कैफे से क्यूआर कोड जनरेट करवाते हैं और प्रिंट आउट निकलवाते हैं लेकिन कई बार प्रिंट आउट से क्यूआर कोड स्कैन नहीं होता और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्यूआर कोड जनरेट करवा कर मंगलवार को मंडी पहुंचा था लेकिन दो बजे बाद ही गेट बंद कर दिया गया। इस कारण बिना बाजरा वापस लेकर जाना पड़ा।-सोहन,किसान, गांव-नीरपुर
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स्मार्ट फोन का इस्तेमाल नहीं करता। इस कारण क्यूआर कोड जनरेट करने में समस्या हो रही है। अब परिचित की सहायता से क्यूआर कोड जनरेट कर वीरवार को बाजरा बेचने मंडी जाऊंगा।-रामसिंह, किसान, गांवधानौता
वर्जन :
किसान पंजीकृत मोबाइल नंबर से गेट पास के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों के ही गेटपास जारी किए जाएंगे।-नकुल यादव,सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।