नारनौल। एक तरफ प्रदूषण की वजह से प्रशासन ने उन सभी कार्यों पर रोक लगा दी है, जिनसे प्रदूषण होता है। साथ ही स्कूलों का भी अवकाश घोषित कर दिया है, लेकिन शहर में कई जगहों पर अभी भी कूड़े को जलाया जा रहा है। शनिवार को नारनौल का 220 के पास एक्यूआई पहुंच गया था, लेकिन बाद में 150 के पास पहुंच गया था।
शहर में कूड़े को जलाने पर प्रतिबंध है, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। रात के समय दुकानदारों का कूड़ा सड़क पर फैला रहता है। इसके अलावा कई जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। इसमें लोग आग लगा देते हैं और पर्यावरण को दूषित करते हैं। जबकि जिला उपायुक्त ने भी बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए कूड़ा जलाने, निर्माण कार्य व प्रदूषण फैलाने वाले सभी कार्यों पर रोक लगा रखी है। इतना ही नहीं बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए स्कूलों का भी अवकाश किया हुआ है। परंतु इसके बाद भी लोग प्रदूषण को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
जहां मन में आए वहीं कूड़ा जला रहे हैं। शहर में सुबह व शाम को अनेक स्थान ऐसे हैं जहां पर कूड़ा जलता रहता है। इन कूड़ा जलाने वालों पर अब तक प्रशासन की तरफ से सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण इनके हौंसले बुलंद हैं।
वर्जन-
कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध है। ऐसा करने वालों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना है। इसके बाद भी कोई नहीं मानता है तो उस पर जुर्माना राशि बढ़ाई जाती है।-अनुज कुमार, एसडीओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नारनौल।
वर्जन-
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए शहर में जेई की ड्यूटी लगाकर क्षेत्र बांटे गए हैं। वह कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई भी करते हैं। यदि कोई कहीं भी कूड़ा जलता दिखाई दे तो वे नगर परिषद को सूचित कर सकते हैं। कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल।