फोटो नंबर- 14नगर परिषद के सरल केंद्र में बिजली नहीं होने के कारण खाली बैठे कर्मचारी। संवाद
नारनौल। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को भी शहरवासियों की परेशानियां कम नहीं हुईं। शहर में लगातार 34 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहने से घरों में पानी की किल्लत हो गई, वहीं सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। त्योहारों के सीजन में बिजली संकट ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी। हालात ऐसे रहे कि बाजारों में दुकानदारी जारी रखने के लिए दुकानदारों को किराये के जनरेटर का सहारा लेना पड़ा।
बिजली नहीं होने के कारण लघु सचिवालय और नगर परिषद सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर नहीं चल पाए। सरल केंद्र समेत अन्य कार्यालयों में अपने काम करवाने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। कर्मचारी भी बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करते रहे। घरों में बिजली के साथ पानी की समस्या ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
जनरेटर की बढ़ी मांग, फिर भी नहीं मिले
त्योहारों के मद्देनजर बाजारों में खरीदारी शुरू होने के कारण दुकानदारों के सामने कारोबार बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। दुकानदारी प्रभावित न हो, इसके लिए कई स्थानों पर पांच से सात दुकानदारों ने मिलकर किराये पर जनरेटर लगवाए। शहर के विभिन्न बाजारों और स्थानों पर करीब 65 से 70 जनरेटर चलते दिखाई दिए। मांग अचानक बढ़ने के कारण कई लोगों को किराये पर जनरेटर तक नहीं मिल पाए।
बिजली संकट का असर बाजारों की रौनक पर भी पड़ा और कई बाजारों में दुकानदारों को सामान्य समय से पहले दुकानें बंद करनी पड़ीं। व्यापारियों का कहना था कि त्योहारों के समय बिजली आपूर्ति बाधित रहने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। यदि सरकार और बिजली कर्मचारियों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आमजन के साथ व्यापारियों की परेशानियां भी और बढ़ सकती हैं।
अस्पताल व बस स्टैंड भी रहे जनरेटर के सहारे
शहर के नागरिक अस्पताल सहित निजी अस्पताल भी जनरेटर के सहारे ही रहे। मरीजों को परेशानी न और बीमार के उपचार को देखते हुए सभी को अस्पतालों में जनरेटर से कार्य जारी रहा। बस स्टैंड पर भी कार्य सामान्य रूप से जारी रखने के लिए जनरेटर चलता रहा।